गयाजी और बोधगया को विश्वस्तरीय शहरी पहचान दिलाने की दिशा में बड़ी पहल तेज होती दिख रही है। बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत विश्व बैंक की उच्चस्तरीय टीम ने दोनों शहरों में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 5,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश के साथ आधुनिक शहरी ढांचे, बेहतर नागरिक सुविधाओं और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नगर निगम ने विकास योजनाओं का प्रस्तुत किया खाका
निरीक्षण के दौरान गया नगर निगम के नगर आयुक्त-सह-अपर समाहर्ता आदित्य कुमार पीयूष ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और शहर में चल रही तथा प्रस्तावित विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गयाजी और बोधगया को आधुनिक, स्वच्छ और नागरिक-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
शहर की आधारभूत सुविधाओं को मिलेगा नया स्वरूप
विश्व बैंक की टीम को शहर सौंदर्यीकरण, ठोस अपशिष्ट एवं स्वच्छता प्रबंधन, भूमिगत जल निकासी और सीवरेज नेटवर्क के विस्तार, नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा प्रमुख बाजारों एवं चौक-चौराहों को पैदल यात्रियों के अनुकूल विकसित करने की योजनाओं से अवगत कराया गया। साथ ही आधुनिक शहरी अवसंरचना तैयार करने के रोडमैप पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
विरासत से लेकर रिवरफ्रंट तक किया स्थलीय निरीक्षण
प्रतिनिधिमंडल ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नव-निर्मित विरासत स्तंभ, मिर्जा गालिब गोलंबर के समीप प्रस्तावित वेंडिंग ज़ोन, विष्णुपद कॉरिडोर, रिवरफ्रंट डेवलपमेंट मार्ग तथा बोधगया के विभिन्न विकास स्थलों का निरीक्षण किया। टीम ने इन परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं का भी जायजा लिया।
मगध सैटेलाइट टाउनशिप बनेगी आर्थिक विकास का नया केंद्र
निरीक्षण के दौरान गयाजी और बोधगया के बीच प्रस्तावित मगध सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना का भी अवलोकन किया गया। एयरोसिटी मॉडल पर विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से निवेश आकर्षित होने, क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई।
पहले चरण में गयाजी को मिलेगी विशेष प्राथमिकता
बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत विश्व बैंक अगले पांच वर्षों में राज्य में लगभग 5,000 करोड़ के निवेश की योजना पर आगे बढ़ रहा है। पहले चरण में पटना, गयाजी और मुजफ्फरपुर को राज्य के पहले अर्बन एक्सियल नोड के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
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गया नगर निगम ने जताया भरोसा
गया नगर निगम ने विश्वास व्यक्त किया कि विश्व बैंक के निरीक्षण और प्रस्तावित निवेश से गयाजी एवं बोधगया में आधुनिक, टिकाऊ और नागरिक-केंद्रित विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी। इससे दोनों शहरों का समग्र, संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित होने के साथ उनकी वैश्विक पहचान भी मजबूत होगी।