गया जिले में बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी पर कथित हमले का मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। घटना के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी लगातार मोहनपुर थाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को और गरमा दिया है।
वायरल वीडियो में एक युवक खुलेआम धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए केंद्रीय मंत्री और पुलिस प्रशासन को चुनौती देता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद गया पुलिस हरकत में आ गई है और अज्ञात युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी पहचान में जुट गई है।
धमकी भरे वीडियो से बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में युवक आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए यह कहते सुनाई दे रहा है कि अभी तो समधन पर हमला हुआ है, अब तुम पर भी हमला होगा।' वीडियो में युवक ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की है। इतना ही नहीं, युवक ने मोहनपुर थाना में तैनात यादव समुदाय के पुलिस पदाधिकारियों का पक्ष लेते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी यादव दरोगा पर कार्रवाई हुई, तो पूरा यादव समाज उनके समर्थन में खड़ा होगा। युवक की भाषा और उसके अंदाज को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने वायरल वीडियो की सत्यता की जांच शुरू कर दी है। पुलिस तकनीकी और स्थानीय स्तर पर युवक की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जीतन राम मांझी ने उठाए सवाल
इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मोहनपुर थाना प्रभारी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ज्योति मांझी द्वारा सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। मांझी ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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पहले भी हो चुका है हमला
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी ने आरोप लगाया था कि मोहनपुर थाना क्षेत्र में उनके काफिले को रोककर हमला करने की कोशिश की गई थी। विधायक ने कहा था कि यदि वह वाहन से नीचे उतर जातीं, तो बड़ी घटना हो सकती थी।
इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर छह आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। हालांकि अब वायरल वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ता दिख रहा है। राजनीतिक बयानबाजी के बीच गया पुलिस पर जल्द और सख्त कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है।