बिहार में पोस्टर पॉलिटिक्स के बीच केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर करारा हमला बोला है। गया में मीडिया से बात करते हुए मांझी ने कहा कि राजनीति में जितना उम्रदराज होते हैं, उतना ही परिपक्वता आती है।
तेजस्वी यादव द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को "बूढ़ा नेता नहीं चाहिए" कहकर हमला करने पर मांझी ने कहा कि राजनीति में युवा होना अच्छी बात है, लेकिन सिर्फ युवा होने से कुछ नहीं होता, उसमें अनुभव भी होना चाहिए।
मांझी ने कहा, "अगर तेजस्वी खुद को युवा समझकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उनमें अभी परिपक्वता की कमी है। एनडीए में कई युवा नेता हैं, लेकिन महागठबंधन में सिर्फ तेजस्वी को ही युवा माना जाता है। सत्ता पाने के लिए महागठबंधन के नेता सिर्फ जुमलेबाजी करते हैं, जबकि नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार देश और समाज के विकास के लिए समर्पित हैं।"
तेजस्वी राजनीति में अपने पिता के भरोसे हैं
नीतीश कुमार को सीएम बनाने को लेकर तेजस्वी यादव के बयान पर मांझी ने तंज कसते हुए कहा कि जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तब तेजस्वी यादव कबड्डी खेल रहे थे। उन्होंने कहा, "तेजस्वी राजनीति में अपने पिता के भरोसे आए हैं। अगर लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री नहीं होते, तो शायद तेजस्वी आज क्रिकेट खेल रहे होते। उनका कोई संस्थागत या सामाजिक योगदान नहीं है।"
खटारा तो उनके पिताजी हैं
तेजस्वी यादव द्वारा नीतीश कुमार को "खटारा गाड़ी" कहे जाने पर मांझी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि "नीतीश कुमार अभी पूरे बिहार में 'प्रगति यात्रा' कर रहे हैं और पूरी तरह तंदुरुस्त हैं। असली खटारा तो उनके पिताजी (लालू यादव) हैं, जिनकी हालत खुद खराब है। तेजस्वी खुद भी किसी आंदोलन के उपज नहीं हैं, इसलिए अनुभव की कमी है।"
महागठबंधन चकनाचूर हो चुका है
महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर चल रही खींचतान पर मांझी ने कहा कि "महागठबंधन के नेता आपस में ही लड़ रहे हैं। इंडिया गठबंधन बनाने का जो उद्देश्य था, वह अब पूरी तरह चकनाचूर हो चुका है। कांग्रेस, राजद और भाकपा-माले सभी अलग-अलग ताल ठोक रहे हैं।