औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में शनिवार को दर्दनाक हादसा हुआ। नहर में डूबते छोटे भाई को बचाने बड़े और मंझले भाई ने छलांग लगाई। दोनों ने मिलकर छोटे भाई को बचा लिया, लेकिन खुद पानी की तेज धार में बह गए और उनकी मौत हो गई।
बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। नहर में डूबते छोटे भाई को बचाने के लिए बड़े और मंझले भाई ने छलांग लगाई। दोनों ने मिलकर छोटे भाई को तो बचा लिया, लेकिन इस दौरान दोनों की ही डूबने से मौत हो गई।
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जानकारी के अनुसार, तीनों भाई अपनी फुआ के घर राजपुर गांव आए थे। शनिवार सुबह शौच के लिए नहर की ओर गए थे। पैर धोते समय सबसे छोटे जुड़वां भाई पीयूष (16) का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गया। उसे डूबता देख उसका जुड़वां भाई रिंशु (16) नहर में कूद पड़ा और उसे किनारे तक पहुंचा दिया, लेकिन खुद डूबने लगा। यह देख सबसे बड़ा भाई प्रिंस (18) भी नहर में कूद गया। छोटे भाई को तो बचा लिया गया, लेकिन प्रिंस और रिंशु दोनों नहर की तेज धार में बह गए और उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने ट्यूब के सहारे शवों की खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन 7-8 घंटे बीतने के बाद भी एसडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे नाराज ग्रामीणों ने सुही मोड़ के पास अंबा-नबीनगर मुख्य सड़क को जाम कर दिया और सड़क पर आगजनी कर प्रदर्शन किया।
मृतकों की पहचान औरंगाबाद के माली थाना क्षेत्र के सिमरी धमनी निवासी प्रिंस विश्वकर्मा और रिंशु विश्वकर्मा के रूप में हुई है। वहीं छोटे भाई पीयूष को ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाल लिया। परिजनों के मुताबिक, प्रिंस का राजपुर हाई स्कूल में 11वीं कक्षा में दाखिला कराने के लिए तीनों भाई शुक्रवार को अपनी फुआ के घर आए थे, तभी यह हादसा हुआ।
मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि एसडीआरएफ की टीम जल्द मौके पर पहुंचकर शवों की तलाश करे और नहर विभाग की लापरवाही पर कार्रवाई की जाए।