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Bihar News: लाखों खर्च, नतीजा शून्य! 45 लाख का सोलर सिस्टम बंद; रखरखाव पर सवाल

Fri, 12 Jun 2026 12:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया

सार

गया शहर के ऐतिहासिक रामसागर तालाब में करीब 45 लाख रुपये की लागत से लगाया गया सोलर प्लांट बदहाली का शिकार हो गया है। छह वर्ष पहले तालाब के सौंदर्यीकरण, जलस्तर बनाए रखने, पानी की गुणवत्ता सुधारने और परिसर को रोशन करने के उद्देश्य से यह परियोजना शुरू की गई थी।
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गया के रामसागर तालाब का सोलर प्लांट बना कबाड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर के ऐतिहासिक रामसागर तालाब को रोशन करने और तालाब के पानी को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से करीब 45 लाख रुपये की लागत से लगाया गया सोलर प्लांट आज बदहाली का शिकार हो चुका है। जिस परियोजना से लोगों को लंबे समय तक लाभ मिलने की उम्मीद थी, उसका फायदा महज कुछ महीनों तक ही मिल सका। अब बंद पड़े सोलर पैनल और मोटर पंप सरकारी योजनाओं की निगरानी और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

छह साल पहले लगाया गया था सोलर प्लांट

करीब छह वर्ष पहले रामसागर तालाब के सौंदर्यीकरण और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहां सोलर प्लांट स्थापित किया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य सोलर ऊर्जा के जरिए मोटर पंप चलाकर तालाब का जलस्तर बनाए रखना, पानी की गुणवत्ता में सुधार करना और परिसर में लगी रंग-बिरंगी लाइटों को रोशन करना था। स्थानीय लोगों के अनुसार सोलर प्लांट शुरू होने के बाद कुछ महीनों तक व्यवस्था ठीक तरह से चली, लेकिन करीब चार से पांच महीने बाद पूरा सिस्टम बंद हो गया। इसके बाद न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही इसे दोबारा चालू करने के लिए कोई प्रभावी प्रयास किया गया।

रखरखाव नहीं होने से खराब हो रहे उपकरण

वर्तमान में तालाब परिसर में लगे सोलर पैनल, मोटर पंप और अन्य उपकरण खराब हालत में पड़े हैं। कई उपकरणों में जंग लग चुकी है, जबकि कुछ पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुके हैं। रखरखाव के अभाव में लाखों रुपये की यह परियोजना धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होती जा रही है।

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लोगों ने जताई नाराजगी

रामसागर तालाब गया शहर की ऐतिहासिक और प्रमुख पहचान में शामिल है। ऐसे में यहां की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों को निराश कर रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर रखरखाव किया जाता तो यह योजना आज भी लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती थी। लोगों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

नगर निगम करेगा तकनीकी जांच

मामले को लेकर गया नगर निगम के आयुक्त अभिषेक पलासिया ने कहा कि उन्हें हाल ही में इस समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले यह पता लगाया जाएगा कि सोलर प्लांट किस कंपनी ने लगाया था और उसकी क्या जिम्मेदारियां तय थीं। नगर आयुक्त ने कहा कि यदि संबंधित कंपनी मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी नहीं करती है तो नगर निगम अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए व्यवस्था को दुरुस्त कराएगा। इसके लिए तकनीकी जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।

पर्यटन नगरी की छवि पर पड़ रहा असर

अभिषेक पलासिया ने कहा कि गया एक महत्वपूर्ण पर्यटन नगरी है, जहां देश और विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में शहर की प्रमुख धरोहरों और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। नगर निगम की ओर से तकनीकी टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद बंद पड़े सोलर प्लांट और अन्य उपकरणों को फिर से चालू करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जनता को इस परियोजना का लाभ दोबारा मिल सके।

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