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Bihar News: धुआं, लपटें और दहशत, चलती ट्रेन में आग से दहले यात्री, समय रहते टला हादसा

Sun, 22 Mar 2026 07:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया

सार

पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच के पहिए में आग लगने से बंधुआ स्टेशन के पास हड़कंप मच गया। ब्रेक बाइंडिंग के कारण हुए घर्षण से पहिए में आग लग गई, जिसे लोको पायलट की तत्परता से ट्रेन रोककर काबू में किया गया।
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जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन से उठते धूंआ को बुझाते रेल प्रशासन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच के पहिए में आग लगने से बंधुआ स्टेशन के पास अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, रेलकर्मियों की तत्परता और सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना उस समय हुई जब ट्रेन संख्या 12365 अपनी निर्धारित रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। बंधुआ स्टेशन के समीप बी-16 कोच (बोगी नंबर EC 246998) के पहिए से अचानक धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते उसमें आग की लपटें भी उठने लगीं।
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ब्रेक बाइंडिंग से हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, पहिए में ब्रेक बाइंडिंग के कारण अत्यधिक घर्षण हुआ, जिससे गर्मी बढ़ी और आग लग गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। कई यात्री घबराकर कोच से उतरकर प्लेटफॉर्म और ट्रैक की ओर भागने लगे। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

रेलकर्मियों ने संभाली स्थिति

मौके पर मौजूद लोको पायलट, गार्ड और टीटीई ने तुरंत फायर सेफ्टी उपकरणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान स्टेशन अधीक्षक बाबू कुमार और पाइंट मैन महेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंच गए और सभी ने मिलकर आग पर काबू पा लिया।
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घटना के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यात्रियों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, जिससे घबराहट कम हुई।

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जांच के बाद ट्रेन रवाना

करीब 25 से 30 मिनट तक ट्रेन बंधुआ स्टेशन पर खड़ी रही। इस दौरान तकनीकी टीम ने कोच और पहिए की गहन जांच की और सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ट्रेन को दोबारा रांची के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह घटना ब्रेक बाइंडिंग के कारण हुई थी, जिससे पहिए में अत्यधिक गर्मी उत्पन्न हो गई थी। समय रहते लोको पायलट और रेलकर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती थी।
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रेल सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा और तकनीकी निगरानी की अहमियत को उजागर कर दिया है। हालांकि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्कता का दावा करता है, लेकिन ऐसी घटनाएं सिस्टम की चुनौतियों की याद दिलाती हैं।

 

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