नवादा से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां नगर थानाक्षेत्र से एक 12 वर्षीय बच्ची को 37 दिनों पूर्व अपहरण कर लगातार दुष्कर्म किया गया। इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना पर अभी तक पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। हैवानियत का शिकार हुई पीड़िता और उसका परिवार न्याय के लिए एसपी कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। आलम यह है कि पीड़िता और उसके परिवार को अब धमकी भी दी जाने लगी है। इसके बावजूद पुलिस कांड के आरोपी को गिरफ्तार करने में विफल साबित हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला नगर थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले का बताया जा रहा है। जहां पड़ोसी मो. शौकत रसीदी के बेटे मो. साहब ने मासूम बच्ची का अपहरण कर कोलकाता, विशाखापटनम और रांची ले जाकर कमरे में बंद कर नशे की गोली देकर उससे महीनों तक दुष्कर्म करता रहा।
बताया जा रहा है कि दुष्कर्म का आरोपी युवक नगर थानाक्षेत्र के भदौनी राजा नगर मोहल्ले का रहने वाला है। आरोपी दो बच्चे का पिता भी है। इस घटना को लेकर पीड़िता के पिता ने नगर थाना में आवेदन भी दिया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी 12 वर्षीय बेटी एक निजी स्कूल में पांचवीं की छात्रा है। उनका आरोप है कि 27 अक्तूबर की देर शाम उनकी बेटी बगल के राशन दुकान से कुछ खरीदने निकली थी, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद जब बेटी घर नहीं लौटी। तब परिजनों को चिंता होने लगी। पीड़ित परिवार ने बताया कि पड़ोस के मो. साहब पर बेटी का अपहरण करने का शक हुआ। उसके बाद नगर थाना में मामला दर्ज करवाया।
इसके बाद कुल 37 दिनों बाद तीन दिसंबर को आरोपी मो. साहब पीड़िता को शहर के सद्भावना चौक पर छोड़कर भाग निकला। एक महीने से ज्यादा समय बाद जब मासूम बच्ची अपने घर पर पहुंची तो, उसकी हालत देखकर परिवार के लोग हक्के-बक्के रह गए। पूछताछ करने पर पीड़िता ने अपने परिवार को पूरी घटना बताई।
पीड़ित मासूम ने बताया कि पड़ोसी युवक मो. साहेब उसका अपहरण कर ले गया था, जो नशे की दवा आदि खिलाकर उससे दरिंदगी किया करता था। इतना ही नहीं धमकी भी दी जाती थी कि किसी को कुछ बताया तो परिवार को जान से मार देंगे। घटना के इतने दिनों बाद भी पुलिस दुष्कर्म के दोषी को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
वहीं, पीड़ित परिवार डीएम रवि प्रकाश और एसपी से न्याय के साथ-साथ जान माल की सुरक्षा की भी गुहार लगा रहा है। पीड़िता ने केस के आईओ सतीश कुमार सिंह की कार्यशैली पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने बताया कि केस के आईओ सतीश कुमार ने न्यायालय में पेशी के बाद मेरी उम्र छिपाने के लिए न्यायाधीश के समक्ष 19 साल की उम्र बताई। जबकि मेरी उम्र आधार कार्ड के मुताबिक 12 साल है। पुलिस की ऐसी कार्यशैली पर लोग भी सवाल उठा रहे हैं।