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Bihar Crime: ‘प्रेग्नेंट जॉब’ और ‘प्लेबॉय सर्विस’ का झांसा देकर करते थे साइबर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

Sat, 10 Jan 2026 09:55 PM IST
मगध ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा

सार

Nawada Crime: नवादा में ‘प्रेग्नेंट जॉब’ और ‘प्लेबॉय सर्विस’ के नाम पर साइबर ठगी का पर्दाफाश हुआ है। हिसुआ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
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पुलिस ने दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के नवादा जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ‘प्रेग्नेंट जॉब’ और ‘प्लेबॉय सर्विस’ जैसे भ्रामक ऑफर के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हिसुआ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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एसपी के निर्देश पर बनी एसआईटी, छापामारी में सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने विशेष जांच दल का गठन किया। साइबर थाना की एसआईटी ने तकनीकी सर्विलांस और मानवीय सूचना तंत्र के आधार पर हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवां गांव में एक घर पर छापामारी की, जहां से दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
 
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और ठगी का तरीका
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनवां गांव निवासी रंजन कुमार, पिता सुखदेव प्रसाद और देवनंदन कुमार, पिता अनिल प्रसाद के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल फोन के जरिए लोगों से संपर्क कर धानी एप और एसबीआई के माध्यम से सस्ते लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके साथ ही ‘प्रेग्नेंट जॉब’ के नाम पर महिलाओं को गर्भवती करने के बदले मोटी रकम देने का लालच भी दिया जाता था।
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रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों की ठगी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब’ और ‘प्लेबॉय सर्विस’ के नाम पर लोगों से रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में पैसे वसूलते थे। कॉल के माध्यम से यह दावा किया जाता था कि किसी महिला को प्रेग्नेंट करने पर 10 लाख रुपये तक दिए जाएंगे, लेकिन पहले पंजीकरण अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया में कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी की गई।
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पुलिस की टीम और आगे की जांच
इस कार्रवाई में साइबर थाना के एसआई राहुल देव वर्मण के नेतृत्व में गठित एसआईटी में सिपाही चुनचुन कुमार, सूरज कुमार और सुभाष कुमार शामिल थे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और ठगी के दायरे की जांच में जुटी हुई है।


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