फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार: उफनती नदी में बहा इंटर का छात्र, 25 घंटे बाद झाड़ियों में मिला शव; 25 घंटे बाद खत्म हुई तलाश

Mon, 31 Aug 2026 09:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी

सार

गया के इमामगंज में सोरहर नदी की तेज धारा में बहा 18 वर्षीय इंटर छात्र गुलाम आशी 25 घंटे बाद मृत मिला। एसडीआरएफ की तलाश असफल रही। हैदराबाद से आए चचेरे भाई ने स्थानीय गोताखोरों संग नदी में उतरकर झाड़ियों से शव बरामद किया।

विज्ञापन
इंटर छात्र गुलाम आशी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गया जी जिले के इमामगंज में उफनती सोरहर नदी में बह गए 18 वर्षीय इंटर छात्र गुलाम आशी का शव करीब 25 घंटे बाद बरामद हुआ। हैदराबाद से पहुंचे उसके चचेरे भाई ने स्थानीय गोताखोरों के साथ नदी में उतरकर झाड़ियों में फंसा शव खोज निकाला। बेटे का शव देखते ही मां बेसुध होकर उससे लिपट गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

इमामगंज थाना क्षेत्र के दुबहल गांव निवासी 18 वर्षीय गुलाम आशी रविवार दोपहर पुल के पास सोरहर नदी में नहाने गया था। इसी दौरान उफनती नदी की तेज धारा में वह बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसकी तलाश शुरू की गई।

रविवार शाम तक स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन गुलाम आशी का कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह एक बार फिर नदी में तलाश शुरू की गई। घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर खोजबीन के बावजूद सफलता नहीं मिली। शाम करीब चार बजे एसडीआरएफ की टीम अभियान समाप्त कर लौट गई।

इसी बीच, गुलाम आशी के लापता होने की खबर मिलते ही हैदराबाद में काम करने वाला उसका चचेरा भाई मोहम्मद मेराज आलम गांव पहुंचा। ग्रामीणों के अनुसार, वह अच्छा तैराक है। गांव पहुंचते ही उसने हाथ में ट्यूब बांधी और स्थानीय गोताखोरों के साथ उफनती नदी में उतर गया।

कई घंटे की तलाश के बाद शाम करीब पांच बजे विश्रामपुर पुल के पास झाड़ियों में फंसा गुलाम आशी का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद भी परिजनों को उम्मीद थी कि शायद उसकी सांस चल रही हो। ग्रामीण उसे तुरंत ई-रिक्शा से इमामगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल में बेटे का शव देखते ही मां शबनम बानो उससे लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी। मां का विलाप सुन वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पिता युसूफ अंसारी भी बेटे के शव को देखकर गहरे सदमे में नजर आए।

घटना की सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची और कानूनी प्रक्रिया शुरू की। हालांकि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया गया।

गुलाम आशी परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से पूरे दुबहल गांव में शोक का माहौल है। जिस घर में रविवार तक बेटे के सुरक्षित लौटने की दुआ की जा रही थी, वहां अब मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें