बिहार के गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2025 का भव्य शुभारंभ हो गया है। बिहार सरकार के मंत्री डॉ. सुनील कुमार सिंह, पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह, राजस्व मंत्री संजय सरावगी और डॉ. प्रेम कुमार ने मेले का उद्घाटन किया। यह मेला 06 सितंबर से शुरू होकर आने वाले 21 सितंबर तक चलेगा। उद्घाटन समारोह गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, जिलाधिकारी शशांक शुभांकर, एसएसपी आनंद कुमार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह के दौरान हिमाचल प्रदेश से आए तीर्थयात्री रोहित शर्मा, रजत शर्मा, बंगाल के सत्यनारायण, विष्णु और विनय एवं जम्मू-कश्मीर के हिमांशु शर्मा समेत एक दर्जन तीर्थयात्रियों को गंगाजल किट भेंट किया गया।
देश के प्रगति दर से बिहार आगे: मंत्री
अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री डॉ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि गयाजी वह धरती है, जहां से स्वर्ग का द्वार खुलता है। आने वाले दिनों में गया की धरती पूरे विश्व को गौरवान्वित करेगी। सरकार 'वसुधैव कुटुंबकम' और 'अतिथि देवो भव:' की भावना से मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का स्वागत और सेवा करेगी। उन्होंने कहा कि श्राद्ध पिंडदान और मोक्ष की परंपरा शुरू हुई। देश-विदेश में प्रचलित है। बिहार सरकार के सीएम नीतीश कुमार ने भागीरथ प्रयास किया है। गंगाजी को आपके गयाजी रबर डैम बनकर खड़ा कर दिया। ऐसी विकास की किरण और बिहार में ऐसे ऐसे काम किया। 20 वर्षों में बिहार की प्रगति हुई है। देश के प्रगति दर से बिहार आगे है। देश की प्रगति दर 7.4% है और बिहार की प्रगति घर 14. 4% है। 20 साल में जो बिहार में बदलाव हुआ है, वह पहले नहीं हुआ था। पहले का जो बिहार था वह गड्ढों का बिहार, आतंक राज का बिहार, बलात्कार का बिहार, गुंडाराज का बिहार, लाठी में तेल पिलावन का बिहार और चरवाहा विद्यालय का बिहार था। 20 वर्षों में जिस तरह बिहार बदला है, चाहे बिजली हो ,रोड हो और अस्पताल की बात करें, ऐसे बदलाव इतने कम समय में देख नहीं जाते हैं।
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जिला प्रशासन को मिला राजस्व विभाग से दो करोड़ 84 लाख
पितृपक्ष महासंगम 2025 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि गयाजी आना ही सौभाग्यशाली बात है। पहले जो गयाजी की हालत थी, वह याद करता हूं। पिंडदानी पूरे देश और विदेश से आते थे। वह दिन याद है कि फल्गु नदी पर बालू में पानी निकाल कर किसी तरह पिंडदान करते थे। सीएम नीतीश कुमार के प्रयास से आज गयाजी कहां से कहां पहुंच गया। गंगा मईया आज फल्गु नदी के तट पर हैं। राजस्व संसाधन भूमि सुधार विभाग पूरे बिहार में मेलों का आयोजन करता है। इस बार 2 करोड़ 84 लख रुपए की राशि विभाग ने जिला प्रशासन को दी है। पितृपक्ष मेले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का निर्देश है कि राशि की कोई कमी नहीं होगी। जिला प्रशासन और राशि मांगेंगे, वह मिलेगा। ताकि देश दुनिया से आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
15 साल पहले बहुत थी कमी
पितृपक्ष मेला उद्घाटन समारोह के दौरान बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गयाजी के बारे में जितना दुनिया में लोग जानते हैं, उसे तरह का प्रचार प्रसार में 15-20 साल पहले बहुत कमी थी। दुनिया के विभिन्न देशों में रहने का मौका मिला। चाहे यूरोप के विभिन्न देश हो या अमेरिका हो। इन सब देशों में इंडिया और इंडिया के गयाजी के महत्व को बहुत सारे लोग जानते हैं। लेकिन, कहीं ना कहीं यह धूमिल होते गई। धूमिल के साथ में भी जब 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की सत्ता संभाले। तब उन्होंने बेहतर प्रयास किया।