भगवान को गर्मी से राहत के लिए लगाएं गए एसी और कूलर
भीषण गर्मी ने इस बार इंसानों के साथ-साथ भगवान की सेवा-पद्धति को भी बदल दिया है। गया के प्रसिद्ध रामशिला मंदिर में बढ़ते तापमान को देखते हुए भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए 24 घंटे एसी, कूलर और पंखों की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि जब भक्त गर्मी से परेशान हैं तो भगवान की सेवा में भी विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
43 डिग्री तापमान के बीच भगवान के लिए विशेष इंतजाम
इन दिनों गया समेत पूरे बिहार में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसे में रामशिला मोड़ स्थित रामशिला मंदिर में भगवान को गर्मी और लू से बचाने के लिए अत्याधुनिक एसी, कूलर और पंखे लगाए गए हैं। मंदिर के गर्भगृह में दिन-रात शीतल वातावरण बनाए रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि भगवान को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्फटिक शिवलिंग के लिए बूंद-बूंद जलाभिषेक
मंदिर में स्थापित स्फटिक शिवलिंग को गर्मी से बचाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। शिवलिंग के ऊपर पीतल का पात्र लगाया गया है, जिससे लगातार ठंडा जल बूंद-बूंद टपकता रहता है। इससे शिवलिंग का तापमान नियंत्रित रहता है और धार्मिक परंपराओं का भी पालन होता है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि गर्मी के मौसम में यह व्यवस्था विशेष रूप से की जाती है।
भगवान के बदले गए वस्त्र और श्रृंगार
मंदिर के पुजारियों ने भगवान के वस्त्रों में भी बदलाव किया है। गर्मी को देखते हुए हल्के और सूती कपड़ों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा भगवान को चंदन का लेप भी लगाया जा रहा है, जिससे उन्हें शीतलता मिले। पुजारियों के अनुसार, मौसम के अनुरूप भगवान की सेवा और श्रृंगार करना सनातन परंपरा का हिस्सा है।
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आस्था और सेवा का अनोखा संगम
रामशिला मंदिर के पुजारी का कहना है कि भगवान को वे जीवंत स्वरूप मानते हैं। जिस प्रकार इंसानों को गर्मी महसूस होती है, उसी भावना से भगवान की सेवा की जाती है। इसलिए मंदिर में 24 घंटे एसी और पंखे चलते रहते हैं, चाहे उस समय मंदिर में कोई श्रद्धालु मौजूद हो या नहीं। भीषण गर्मी के बीच भगवान की शीतल सेवा का यह अनोखा दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पहल एक बार फिर साबित करती है कि आस्था में भाव और सेवा का महत्व सबसे बड़ा होता है।