मगध प्रमंडल आईजी विकास वैभव की फाइल फोटो
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बिहार के गया जिले में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में कथित लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी महिला थाना की तत्कालीन थानाध्यक्ष को भारी पड़ गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई को जवाबदेही तय करने की बड़ी पहल माना जा रहा है।
एफआईआर नहीं होने पर पीड़िता ने वरिष्ठ अधिकारियों से लगाई गुहार
यह मामला केपी रोड निवासी एक महिला की शिकायत से जुड़ा है। महिला का आरोप है कि ससुराल पक्ष की प्रताड़ना के बावजूद उसने कई बार महिला थाना में आवेदन दिया, लेकिन उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। जब स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़िता ने अपनी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई। इसके बाद पूरे मामले की जांच कराई गई।
जांच में सामने आई आदेशों की अनदेखी
जांच के दौरान सामने आया कि सिटी एसपी और आईजी स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि मामले में एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय पीड़िता को जीरो एफआईआर के माध्यम से दूसरे जिले के मानगो थाना भेज दिया गया। जांच में इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना माना गया।
तत्काल प्रभाव से निलंबन, विभागीय कार्रवाई भी शुरू
आईजी विकास वैभव के निर्देश पर महिला थाना की तत्कालीन थानाध्यक्ष खुशबू कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
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महिला सुरक्षा मामलों में लापरवाही पर सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित एफआईआर दर्ज करना और निष्पक्ष कार्रवाई करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पीड़िता जहां रहती है, वहां भी जीरो एफआईआर के बजाय आवश्यक परिस्थितियों में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है और उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। ऐसे मामलों में आदेशों की अनदेखी और लापरवाही को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
पुलिस महकमे को स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस विभाग ने साफ संदेश दिया है कि महिला सुरक्षा और न्याय से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही, आदेशों की अवहेलना या कर्तव्य में ढिलाई अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।