गया जिले में अंधविश्वास एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। वजीरगंज प्रखंड के तरवां पंचायत अंतर्गत मलकपुर गांव में सर्पदंश के बाद समय पर इलाज न मिलने से 35 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
खेत में काम के दौरान सांप ने काटा
मृतका की पहचान टिंकू यादव की पत्नी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को महिला घर के काम के दौरान मिट्टी लेने बाहर गई थी। इसी दौरान उसका हाथ गेहुंअन सांप के बिल में चला गया, जिससे सांप ने उसे डंस लिया। सांप के काटते ही महिला चीखते हुए घर पहुंची, जिसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल की जगह झाड़-फूंक में गंवाया समय
ग्रामीणों के अनुसार, सर्पदंश के तुरंत बाद महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन झाड़-फूंक और ओझा-गुणी के चक्कर में पड़ गए। घंटों तक गांव में इलाज के नाम पर अंधविश्वास चलता रहा। इस दौरान जहर धीरे-धीरे महिला के शरीर में फैलता गया और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। जब स्थिति गंभीर हुई, तब उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
महिला की मौत के बाद पति टिंकू यादव और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो महिला की जान बच सकती थी।
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प्रशासन ने की अपील
मुखिया प्रतिनिधि रामशंकर प्रसाद, हप्पू यादव सहित कई सामाजिक लोगों ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर इलाज कराना चाहिए।