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बिहार: जंगल में छिपा था नक्सलियों का हथियार डिपो, सर्च ऑपरेशन में कार्बाइन-कट्टा समेत 92 कारतूस बरामद

Wed, 07 Oct 2026 07:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी

सार

गयाजी के धनगांई थाना क्षेत्र के जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने जमीन के अंदर छिपाकर रखे हथियारों का जखीरा बरामद किया है। एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 9 एमएम कार्बाइन, राइफल, कट्टा, पिस्तौल, मैगजीन और 92 कारतूस बरामद किए गए हैं।
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जंगल में जमीन के अंदर से बरामद हुए नक्सली हथियार।
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विस्तार
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गयाजी में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। बिहार-झारखंड सीमा से सटे धनगांई थाना क्षेत्र के घने जंगल में जमीन के अंदर प्लास्टिक में पैक कर छिपाए गए हथियारों के जखीरे का खुलासा हुआ है। एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कार्बाइन, देशी राइफल, कट्टा, पिस्तौल, मैगजीन और 92 कारतूस बरामद किए गए हैं।

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बुधवार को धनगांई थाना क्षेत्र में तिलेटाड़ से हिसीर जाने वाले मार्ग पर एसएसबी और जिला पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जंगल का इलाका काफी दुर्गम होने के कारण जवानों ने विशेष सतर्कता के साथ तलाशी अभियान चलाया।

कार्बाइन से लेकर पिस्तौल तक बरामद
तलाशी के दौरान जवानों को जमीन के एक हिस्से में संदिग्ध गतिविधियों और कुछ छिपाए जाने के संकेत मिले। इसके बाद उस स्थान की खुदाई की गई। जमीन के अंदर प्लास्टिक में पैक हथियार और कारतूस बरामद होते ही सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया। सुरक्षाबलों के मुताबिक, बरामद हथियारों में 9 एमएम की कार्बाइन, उसकी दो मैगजीन, एक देशी भरमार राइफल, एक देशी कट्टा और एक पिस्तौल शामिल हैं।

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इसके साथ ही एक वॉकी-टॉकी भी बरामद किया गया है। हथियारों के साथ बड़ी संख्या में कारतूस भी मिले हैं। बरामद कारतूसों में 9 एमएम के 79 और 7.62 एमएम के 13 कारतूस शामिल हैं। इस तरह कुल 92 कारतूस सुरक्षाबलों के हाथ लगे हैं।

नक्सली कनेक्शन की जांच तेज
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि हथियारों को नक्सली गतिविधियों से जुड़े लोगों ने जंगल में छिपाकर रखा था। हालांकि, हथियार किसने छिपाए और उन्हें कब यहां लाया गया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जंगल में इस तरह हथियारों को छिपाकर रखना किसी बड़ी आपराधिक या नक्सली गतिविधि की तैयारी का हिस्सा हो सकता है। बरामद हथियारों की जांच के साथ ही पुलिस इलाके में सक्रिय संदिग्धों और पूर्व में नक्सली गतिविधियों से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

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संयुक्त अभियान में कई अधिकारियों की भूमिका
अभियान का नेतृत्व एसएसबी के उप कमांडेंट रवि भूषण ने किया। धनगांई थानाध्यक्ष श्रवण राम और एसएसबी की 29वीं वाहिनी के धनगांई कैंप के सहायक कमांडेंट सनोज कुमार की भी इस कार्रवाई में अहम भूमिका रही। बिहार-झारखंड सीमा के जंगलों में सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों का यह जखीरा किसके इशारे पर छिपाया गया था और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था।

 

धनगांई थाना क्षेत्र के जंगल में जमीन के अंदर से बरामद नक्सली हथियार, कार्बाइन, पिस्तौल, कट्टा बरामद किए गए।

 

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