कुंती देवी को अदालत ने 19 जनवरी को दोषी करार दिया था। साथ ही उन्हें उसी दिन न्यायिक हिरासत में भी ले लिया गया था। जब कुंती देवी को सजा सुनाई जा रही थी तब वह कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थीं। वह बीमार होने के कारण अदालत में पेश नहीं हो पाई थीं। उन्हें सात साल पुराने हत्या के मामले में अब जाकर दोषी पाया गया। इस मामले ने बिहार की सियासत में हंगामा खड़ा कर दिया था।
असल में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता सुमारिक यादव की हत्या राजनीतिक रंजिश की वजह से कराई गई थी। यह हत्याकांड साल 2013 में हुआ था। उस दौरान इस खबर ने काफी सुर्खियां भी बटोरी थी। इस मामले में मृतक के भाई विजय यादव की तहरीर और बयान के आधार पर गया के नीमचक बथानी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुमारिक यादव जनता दल यूनाइटेड के प्रखंड अध्यक्ष थे। उनकी हत्या का आरोप पूर्व विधायक कुंती देवी पर लगा था।
न्यायालय ने 19 जनवरी को कुंती देवी को दोषी करार दिया। उसी दिन उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया था। बीते शनिवार को कुंती देवी को सजा सुनाए जाने को लेकर कोर्ट परिसर में काफी गहमागहमी बनी हुई थी। बताते चलें कि कुंती देवी के पति पूर्व राजद विधायक राजेंद्र यादव हत्या के एक दूसरे मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इसके अलावा उनके बेटे अजय यादव अतरी से राजद विधायक हैं। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में अजय ने जदयू की मनोरमा देवी को हराया था।