मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नई दिल्ली स्थित अशोका होटल में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की शीर्ष मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तृतीय बैठक में शामिल हुए। बैठक भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बिहार में चल रही और प्रस्तावित विभिन्न औद्योगिक, आधारभूत संरचना तथा पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
गया IMC की जमीन से लेकर सड़क-पानी तक की तैयारी तेज
बैठक में विशेष रूप से गया में विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर परियोजना पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएमसी, गया परियोजना के लिए भूमि से संबंधित रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजना क्षेत्र में सड़क एवं जलापूर्ति से संबंधित आवश्यक कार्यों को वर्ष 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि औद्योगिक गतिविधियों के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सकें।
सोन का पानी फल्गू तक पहुंचाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोन नदी को फल्गू नदी से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके तहत करीब 9 किलोमीटर पाइपलाइन और लगभग 22 किलोमीटर नहर की खुदाई के माध्यम से दोनों नदियों को जोड़ा जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद गया क्षेत्र में जल की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी।
दरभंगा-मुजफ्फरपुर की परियोजनाओं पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने 'भव्या' योजना के तहत दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित परियोजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से संबंधित कार्यों को एक माह के भीतर पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
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विष्णुपद और बोधगया कॉरिडोर भी जल्द होंगे पूरे
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिहार में औद्योगिक विकास के साथ-साथ धार्मिक एवं बौद्ध पर्यटन को भी व्यापक रूप से विकसित कर रही है। विष्णुपद मंदिर तथा बोधगया कॉरिडोर के कार्यों को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे इन परियोजनाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
उद्योग और पर्यटन से रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना, जलापूर्ति तथा पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं को गति देकर राज्य में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर उनके समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित कर रही है।