गयाजी में विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता एवं संसदीय स्थायी समिति के
गया-बोधगया के विकास को लेकर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और जदयू के वरिष्ठ नेता संजय झा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में पूरे साल पानी उपलब्ध कराने के लिए सोन नदी से पानी लाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही करीब 1200 करोड़ रुपये के गया-बोधगया कॉरिडोर को उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए गेम चेंजर बताया। संजय झा के मुताबिक, कॉरिडोर और दूसरी पर्यटन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गया-बोधगया देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा।
फल्गु नदी में सालभर पानी की तैयारी
गया दौरे पर पहुंचे संजय झा ने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने फल्गु नदी के देवघाट और रबर डैम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विष्णुपद और बोधगया दोनों की पहचान फल्गु नदी से जुड़ी हुई है। ऐसे में गया-बोधगया कॉरिडोर की सफलता के लिए फल्गु नदी में पूरे साल स्वच्छ और पर्याप्त पानी होना जरूरी है। संजय झा ने बताया कि फल्गु नदी को सोन नदी से जोड़कर उसमें सालभर पानी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना को हर हाल में पूरा किया जाएगा।
1200 करोड़ के गया-बोधगया कॉरिडोर पर तेजी
संजय झा ने बताया कि केंद्रीय बजट में घोषित करीब 1200 करोड़ रुपये की गया-बोधगया कॉरिडोर परियोजना की डीपीआर तैयार कर जमा की जा चुकी है। परियोजना को लेकर दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी के साथ बैठक भी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद गया और बोधगया का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
गंगा जल समझौते की समीक्षा की मांग
मीडिया से बातचीत के दौरान संजय झा ने 1996 के भारत-बांग्लादेश गंगा जल समझौते की समीक्षा की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि 30 साल की अवधि वाला यह समझौता दिसंबर में समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि नए समझौते में बिहार के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। राज्य की आबादी लगातार बढ़ रही है और इसके साथ सिंचाई, पेयजल और उद्योगों के लिए पानी की जरूरत भी काफी बढ़ गई है। ऐसे में बिहार के हितों को ध्यान में रखकर आगे की नीति तय की जानी चाहिए।
गया-बोधगया बनेगा बड़ा धार्मिक और पर्यटन केंद्र
संजय झा ने कहा कि करीब 15 साल पहले जिस बदलाव की कल्पना करना मुश्किल था, वह अब जमीन पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर, पर्यटन परियोजनाओं और बेहतर आधारभूत सुविधाओं के पूरा होने के बाद गया-बोधगया न सिर्फ बिहार बल्कि देश का बड़ा धार्मिक और पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूरे गया-बोधगया क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है। बेहतर सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।