बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में गठबंधन टूटने के डर से राजद ने कांग्रेस के आगे झुकते हुए कुटुम्बा सीट से अपने उम्मीदवार और पूर्व मंत्री सुरेश पासवान का टिकट काट दिया। इस सीट से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने महागठबंधन प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर मचे घमासान के बाद अब मामला सुलझता नजर आ रहा है। गठबंधन टूटने के डर से राजद (RJD) ने आखिरकार कांग्रेस के आगे झुकते हुए अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. सुरेश पासवान को कुटुम्बा सीट से उम्मीदवार नहीं बनाया। इस सीट से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने सोमवार को नामांकन का पर्चा दाखिल कर दिया।
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राजेश कुमार सुबह कांग्रेस औरंगाबाद जिला कार्यालय से हजारों समर्थकों के साथ गाजे-बाजे के साथ नामांकन के लिए निकले। समर्थकों के साथ वे पैदल ही जिला समाहरणालय पहुंचे, जहां उन्होंने महागठबंधन समर्थित कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में कुटुम्बा विधानसभा के निर्वाची पदाधिकारी सह औरंगाबाद के अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के बाद बाहर निकलते ही समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और राजेश कुमार जिंदाबाद, कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद, महागठबंधन जिंदाबाद और INDIA गठबंधन जिंदाबाद के नारे लगाए।
14 नवंबर को मनाएंगे जीत की होली
नामांकन के बाद राजेश कुमार ने कहा कि महागठबंधन एकजुट है और इस चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि आज दीपावली का पावन दिन है। मैंने शुभ मुहूर्त पर नामांकन दाखिल किया है। 14 नवंबर को महागठबंधन पूरे बिहार में जीत की होली मनाएगा।
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पूर्व मंत्री सुरेश पासवान ने दी टिकट की कुर्बानी
कुटुम्बा (सुरक्षित) सीट से टिकट नहीं मिलने पर RJD के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. सुरेश पासवान ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ उम्मीदवार उतारने पर गठबंधन तोड़ने की धमकी दी थी। गठबंधन को बचाने और अपने नेता लालू प्रसाद यादव व तेजस्वी यादव के सम्मान में उन्होंने अपनी उम्मीदवारी की कुर्बानी दी।
बागी नेताओं को शांत करने की कोशिश
उन्होंने कहा कि मैं राजद का सच्चा सिपाही हूं। पार्टी और महागठबंधन के प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए जी-जान से काम करूंगा। कुटुम्बा सीट पर अब कांग्रेस के राजेश कुमार महागठबंधन की ओर से उम्मीदवार होंगे, जबकि RJD ने अपने बागी नेताओं को शांत करने की कोशिश में फिलहाल बड़ा राजनीतिक संकट टाल दिया है।