गया जिले में टीबी उन्मूलन अभियान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। 100 दिवसीय विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान की समीक्षा के दौरान लक्ष्य पूरा नहीं करने पर दो प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई, जबकि समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने वाले एक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने साफ कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लक्ष्य पूरा नहीं करने पर डीएम की सख्ती
समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में 100 दिवसीय विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अभियान की प्रगति का आकलन किया गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ प्रखंडों में स्क्रीनिंग का कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं हुआ। इस पर गुरारू और अतरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया गया। वहीं डुमरिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) के बैठक में अनुपस्थित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मिशन मोड में चलाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को पूरी गंभीरता के साथ मिशन मोड में चलाया जाए। उन्होंने कहा कि केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से यह लक्ष्य हासिल नहीं होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग, पंचायत राज, जीविका, आईसीडीएस समेत सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर काम करना होगा।
स्लम और महादलित टोलों में विशेष अभियान
बैठक में निर्देश दिया गया कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर स्लम क्षेत्रों और महादलित टोलों में टीबी की स्क्रीनिंग करें। साथ ही माध्यमिक विद्यालयों, उच्च विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में मोबाइल हेल्थ टीम के जरिए सभी छात्रों की जांच सुनिश्चित की जाए।
एक्स-रे और आधुनिक जांच तकनीक पर जोर
जिलाधिकारी ने संभावित टीबी मरीजों की जल्द पहचान के लिए फिक्स्ड एक्स-रे मशीनों से प्रतिदिन कम से कम 20 और हैंडहेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीनों से प्रतिदिन 50 एक्स-रे करने के निर्देश दिए। इसके अलावा संदिग्ध मरीजों की पुष्टि के लिए ट्रूनेट और सीबीनेट मशीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
यह भी पढ़ें: जलापूर्ति परियोजना को मिली मंजूरी, खत्म होगी पानी के लिए जंग! क्या बदलेगी समस्तीपुर की तस्वीर?
11 दिनों में 1.66 लाख से अधिक लोगों की जांच
जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलेश कुमार ने बताया कि 3 जुलाई से 14 जुलाई के बीच जिले में 1,66,329 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जो तय लक्ष्य का 93.30 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि डिजिटल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन और आधुनिक जांच तकनीकों की मदद से संभावित मरीजों की तेजी से पहचान की जा रही है।
लापरवाही पर आगे भी होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी पर नियंत्रण के लिए समय पर मरीजों की पहचान और इलाज सबसे जरूरी है। अभियान की नियमित निगरानी जिला स्तर पर की जा रही है और भविष्य में भी किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
कैप्शन: