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Bihar Election: दनिया में दस साल बाद फिर मना 'मतदान पर्व', ग्रामीण डाल रहे वोट; जानें क्यों रुका था चुनाव

Tue, 11 Nov 2025 12:37 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा

सार

Bihar Vidhan Sabha Election Phase 2 Voting: एक दशक बाद नवादा के गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र के नक्सलियों के माद कहे जानेवाले कौआकोल थाना क्षेत्र दनिया में लोकतंत्र का मतदान पर्व मनाया गया। झारखंड सीमा से सटे इस इलाके में उत्साह के साथ ग्रामीण मतदान कर रहे हैं।
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दनिया गांव में दस साल बाद मतदान केंद्र पर वोट करने की लगी कतार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के नवादा जिले के जंगल और पठारी इलाकों से घिरे दनिया गांव में करीब दस साल बाद मतदान हुआ। लंबे समय से मतदान से वंचित रहे ग्रामीणों में इस बार भारी उत्साह देखा गया। दनिया बूथ पर मतदान को लेकर प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए हैं। यहां लगभग 800 मतदाता अपना मताधिकार प्रयोग कर रहे हैं। दनिया बूथ के साथ-साथ रानीगदर, झरनवा और करमाटांड गांवों के मतदाता भी इसी केंद्र पर वोट डाल रहे हैं।
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झारखंड की सीमा से सटा है क्षेत्र
गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र का दनिया ऐसा अकेला इलाका नहीं है। नवादा जिले के गोविंदपुर और रजौली विधानसभा क्षेत्रों के कई मतदान केंद्र झारखंड की सीमा से सटे हैं। इन इलाकों में सड़क सुविधा का अभाव और दुर्गम भूगोल के कारण प्रशासन को हर चुनाव में अतिरिक्त तैयारी करनी पड़ती है। सिर नावाडीह, जमुनादाहा, बुड़ियासाख और धामोचक जैसे गांवों तक पहुंचना आज भी मुश्किल है।

2015 से लोग कर रहे थे मतदान का बहिष्कार
2015 से दनिया के ग्रामीण मतदान का बहिष्कार करते आ रहे थे। इलाके में विकास कार्यों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूरी बना ली थी। लेकिन इस बार लोगों में लोकतंत्र के पर्व को लेकर नया जोश देखा जा रहा है।
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नवादा जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित दनिया पूरी तरह से जंगल और पठारी इलाके में बसा है। यह झारखंड के गिरिडीह जिले की सीमा से सटा हुआ है। सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को कौआकोल प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने में करीब 40 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।

पूर्व में नक्सली हमले में दस पुलिसकर्मियों की शहादत हुई थी
याद रहे, इसी इलाके के महुलियाटांड में 9 फरवरी 2009 को नक्सलियों के हमले में तत्कालीन थानाध्यक्ष रामेश्वर राम सहित दस पुलिसकर्मियों की शहादत हुई थी। तब से यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव वाला और संवेदनशील माना जाता रहा है।

लंबे समय बाद दनिया में हुए इस मतदान ने इलाके के लोगों में नई उम्मीदें जगा दी हैं। अब वे चाहते हैं कि वोट की ताकत से उनके गांव तक विकास की राह पहुंचे।
नवादा जिले में कुल पांच विधानसभा क्षेत्र है ।नवादा सदर विधानसभा से जदयू से पूर्व श्रम राज्यमंत्री राजबल्लभ प्रसाद यादव की पत्नी विभा देवी और राजद के प्रत्याशी पूर्व विधायक कौशल यादव के बीच कड़ी टक्कर है जबकि जनसुराज के प्रत्याशी डॉ अनुज कुमार इसे त्रिकोणीय बनाने में जुटे है।

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इनके बीच कड़ा मुकाबला
वारिसलीगंज विधानसभा से भाजपा के निर्वतमान विधायक अरुणा देवी और बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अरुणा देवी के बीच कड़ा मुकाबला है। हिसुआ विधानसभा से कांग्रेस के निर्वतमान विधायक नीतू देवी से सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी पूर्व विधायक अनिल सिंह के बीच है।जनसुराज के प्रत्याशी सूर्यदेव प्रसाद वर्मा इसे त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं।
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रजौली विधानसभा में ये दे रहे एक दूसरे को टक्कर
गोविंदपुर विधानसभा में पूर्व विधायक पूर्णिमा यादव और  लोजपा रामविलास के प्रत्याशी विनीता मेहता के बीच सीधा मुकाबला है जबकि राजद के निवर्तमान विधायक मो कामरान ने निर्दलीय प्रत्याशी में कड़ी टक्कर दे रहे है। रजौली विधानसभा से राजद प्रत्याशी पिंकी भारती और लोजपा रामविलास के प्रत्याशी विमल राजवंशी के सीधा मुकाबला है।
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