फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: 'जनता ने बहुमत दिया है, नीतीश कुमार कुर्सी क्यों छोड़ेंगे', जीतन मांझी बोले; राहुल-तेजस्वी पर कसा तंज

Tue, 23 Dec 2025 05:47 PM IST
मगध ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी

सार

Bihar: गया जी में पुस्तक मेला उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि जनता ने नीतीश कुमार को बहुमत दिया है, इसलिए इस्तीफे का सवाल नहीं। उन्होंने विपक्ष पर बाहर रहकर बयान देने का आरोप लगाया और एनडीए को संवैधानिक गठबंधन बताया।
विज्ञापन
जीतन राम मांझी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गयाजी के गांधी मैदान में मंगलवार को आयोजित पुस्तक मेला का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने किया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की विपक्षी मांग को सिरे से खारिज किया।

केंद्रीय मंत्री मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्यों कुर्सी छोड़ेंगे, जब जनता ने उन्हें बहुमत देकर सरकार बनाने का जनादेश दिया है। चुनाव के दौरान नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट मांगा गया और उम्मीद से कहीं अधिक समर्थन मिला। यह जनता का प्रेम और विश्वास है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी यादव बिहार से बाहर हैं और राहुल गांधी विदेश में बैठकर देश और बिहार पर बयान दे रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। जो कहना है, देश में रहकर कहना चाहिए। विपक्ष को हार स्वीकार कर आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता ने उन्हें क्यों नकारा।

विज्ञापन


पढे़ं: रांची में शैली ट्रेडर्स पर CID की छापेमारी, नशे के कफ सिरप के अवैध कारोबार का खुलासा

राजद द्वारा लगाए गए आरोपों पर कि भाजपा छोटे दलों को तोड़ रही है, मांझी ने कहा कि यह पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक छोटे दल से हैं और उन्हें न केवल सांसद बनाया गया, बल्कि मंत्रिमंडल में भी जिम्मेदारी दी गई है। एनडीए एक संवैधानिक गठबंधन है, जो सभी वर्गों को साथ लेकर डबल इंजन की सरकार के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।

पुस्तक मेला समाज को देता है ज्ञान का संबल

पुस्तक मेला के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय मंत्री मांझी ने कहा कि गया जी में वर्षों से लगने वाला पुस्तक मेला समाज के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक है। अच्छी पुस्तकों और प्रतिष्ठित प्रकाशकों की भागीदारी से समाज को बौद्धिक संबल मिलता है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष लगभग 24 प्रकाशक भाग ले रहे हैं। मेला अगले रविवार तक पूरी तरह सज जाएगा। उन्होंने कहा कि किताबें विशेष रूप से उन लोगों तक पहुंचनी चाहिए, जो शिक्षा के मामले में पीछे हैं, ताकि पढ़ने की संस्कृति विकसित हो और समाज आगे बढ़े।

विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें