चार साल पहले युवक की शादी हुई। शादी के वक्त वह बेरोजगार था। शादी के बाद घर में पत्नी के कदम पड़ते ही उसकी किस्मत पलटी और रेलवे में नौकरी लग गई। नौकरी लगते ही युवक ने रंग बदला। तेवर दिखाते हुए पत्नी के मायके वालों से और दहेज की डिमांड की। डिमांड पूरी न होने पर ससुरालियों ने विवाहिता की हत्या कर दी और शव को जला दिया। मामला औरंगाबाद के रफीगंज थाना के कोटवारा गांव का है। जहां विवाहिता की हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए शव को जला दिया गया है।
मामले को लेकर गोह थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी मृतका की मां शिवरतिया देवी ने शुक्रवार को रफीगंज थाना में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है। उल्लेख किया है कि बेटी की शादी कराने वाले मध्यस्थ गोह थाना के नीरपुर गांव निवासी सुनील साव ने गुरुवार रात 10 बजे फोन कर बताया कि आपकी बेटी शिवानी की ससुराल में मौत हो गई है। यह जानकारी मिलते ही मेरे पति शिव साव रात में ही कोटवारा गांव पहुंचे। उन्होंने मुझे फोन कर बताया कि बेटी की मौत हो चुकी है और दाह संस्कार भी किया जा रहा है। इसके बाद हम लोग सपरिवार गांव पहुंचे, तब तक शव जल चुका था।
शादी के बाद रेलवे में नौकरी लगते ही 10 लाख का दहेज मांगने लगा दामाद
आवेदन में कहा है कि मेरी लड़की की शादी चार साल पहले कोटवारा गांव के पन्ना साव के पुत्र संतोष साव के साथ हुई थी। शादी के बाद दामाद संतोष साव ने रेलवे में नौकरी लगने के बाद ससुराल पक्ष से दहेज के रूप में और 10 लाख रुपये की मांग की। मांग पूरी नहीं करने पर ससुराली मेरी बेटी को प्रताड़ित करने लगे। दहेज की मांग पूरा न करने के कारण हम लोगों को शिवानी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा था। शिवानी का 18 माह का एक बच्चा भी है और दामाद रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी करते है।
कहा कि दामाद संतोष साव के कहने पर ही ससुर पन्ना साव, हीरालाल साव, महेन्द्र साव, मंजू देवी, सरोजिया देवी एवं पन्ना साव की बड़ी बहू ने मिलकर मेरी बेटी शिवानी की हत्या कर हम लोगों के पीछे में आनन-फानन में शव को जला दिया है। मामले में रफीगंज थानाध्यक्ष गुफरान अली ने बताया कि सूचना मिलते ही वे सदल बल कोटवारा गांव पहुंचे। जहां से मृतका के ससुर पन्ना साव को गिरफ्तार कर लिया गया। शेष नामजद आरोपी फरार हैं। मामले की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।