बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में DIG के पद पर कार्यरत राकेश कुमार सिन्हा को उत्कृष्ट एवं सराहनीय पुलिस सेवा के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय, नई दिल्ली की ओर से Police Medal for Meritorious Services (सराहनीय सेवा पदक) से सम्मानित किया गया है। करीब तीन दशक लंबे पुलिस सेवा करियर में उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, निगरानी और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची के अनुसार बिहार के कुल 18 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए सम्मान दिया गया है।
1999 बैच के DSP के रूप में शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर
राकेश कुमार सिन्हा ने वर्ष 1999 बैच में सीधे भर्ती पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के रूप में पुलिस सेवा की शुरुआत की। वर्ष 2001 में उन्होंने दुमका, झारखंड से सेवा प्रारंभ की। कैडर डिवीजन के बाद बिहार में उन्होंने जहानाबाद, शेखपुरा, रोहतास, समस्तीपुर, जमुई, नालंदा, सुपौल और खगड़िया समेत कई जिलों में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा उन्होंने STF, BPA, ATS और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में भी अलग-अलग पदों पर कार्य किया और अपनी प्रशासनिक एवं पुलिसिंग क्षमता का परिचय दिया।
कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में निभाई अहम भूमिका
पुलिस सेवा के दौरान सिन्हा ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और संवेदनशील मामलों के त्वरित निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विधि-व्यवस्था और नक्सल संबंधी चुनौतियों के दौरान भी उन्होंने पुलिस तंत्र को प्रभावी ढंग से संचालित करने में योगदान दिया।
2012 बैच के IPS अधिकारी बने
सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद राकेश कुमार सिन्हा को वर्ष 2012 बैच के IPS अधिकारी के रूप में पदोन्नति मिली। IPS अधिकारी बनने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक के रूप में मद्य निषेध, विशेष शाखा, लोकायुक्त कार्यालय तथा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में SP/SSP स्तर के पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं।
इन पदों पर रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक निगरानी, अपराध नियंत्रण, जांच और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाया।
DIG के रूप में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
इसके बाद उन्हें DIG के पद पर पदोन्नति मिली। वर्तमान में वह निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में DIG के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान जिम्मेदारी के दौरान अतिरिक्त दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए कम समय में 32 AOPA कांडों के सफल निष्पादन का भी उल्लेख किया गया है।
चुनावी ड्यूटी में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
राकेश कुमार सिन्हा ने पुलिस सेवा के अलावा निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाई हैं। पंजाब और गुजरात में चुनाव के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में उन्होंने सेवाएं दीं। संवेदनशील लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन उनके प्रशासनिक अनुभव और दक्षता को दर्शाता है।
सेवाकाल में मिले 32 प्रशस्ति-पत्र
सिन्हा के सेवाकाल में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें अब तक 32 प्रशस्ति-पत्र दिए जा चुके हैं। इनमें छह प्रशस्ति-पत्र बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से प्रदान किए गए हैं। सराहनीय सेवा पदक मिलना उनके लंबे पुलिस करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह सम्मान उनके व्यक्तिगत सेवाकाल के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए भी प्रेरणादायी है।
बिहार के 18 पुलिस अधिकारियों-कर्मियों को सम्मान
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची में बिहार के 18 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के नाम शामिल हैं। सूची के अनुसार इनमें DIG राकेश कुमार सिन्हा, SP इम्तियाज अहमद, इंस्पेक्टर एमडी इरशाद आलम, ASI मुकेश कुमार सिंह, ASI लॉ कुश कुमार, सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह, हवलदार शंभु नाथ सिंह, सब इंस्पेक्टर संतोष छेत्री, हवलदार संतोष एले मगहर, हवलदार रूपेश थापा, कांस्टेबल तापन गुरूंग, कांस्टेबल छत्र बहादुर थापा, कांस्टेबल संतोष कुमार थाकुरी, ASI अमिताभ गिरी और ASI आनंद प्रकाश के नाम शामिल हैं। उपलब्ध सामग्री में बिहार के लिए विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा के साथ वीरता के लिए अधिकारी हुसैन को गैलंट्री अवार्ड तथा IG संजय कुमार और SP बीना कुमारी को राष्ट्रपति पदक दिए जाने का भी उल्लेख है।