गया में पटना-गया रेलखंड में यात्रियों को लगातार हो रही परेशानियों ने रविवार को बड़ा रूप ले लिया। गया रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म-6 और 7 के निर्माण कार्य के कारण कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। इसके चलते यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नाराज यात्रियों ने नदवां रेलवे स्टेशन पर गया-पटना पैसेंजर ट्रेन (03264) को रोककर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
बोगियों की कमी बनी समस्या, यात्री परेशान
यात्रियों का आरोप है कि बीते महीने से अधिकांश पैसेंजर ट्रेनों में बोगियों की संख्या घटाकर 6-7 कर दी गई है, जबकि पहले यह संख्या 15 तक होती थी। कम बोगियों के कारण कई यात्री अपनी यात्रा पूरी करने से वंचित रह जाते हैं। प्रदर्शनकारी यात्रियों ने कहा कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है और रेलवे प्रशासन से इसे ठीक करने की मांग की गई है।
500 से अधिक लोगों ने किया प्रदर्शन
रविवार सुबह जैसे ही गया-पटना पैसेंजर ट्रेन नदवां रेलवे स्टेशन पहुंची, सैकड़ों की संख्या में लोग रेलवे पटरी पर उतर गए और ट्रेन रोक दी। उन्होंने जोरदार नारेबाजी की और ट्रेनों में बोगियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। स्थिति संभालने के लिए रेल थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह, धनरूआ थाना प्रभारी शुभेंद्र कुमार और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
हल्का बल प्रयोग कर रोका प्रदर्शन
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिसके बाद ट्रेन को आगे बढ़ाया गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ट्रेनों में बोगियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई और सेवाएं सामान्य नहीं की गईं, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
रेल प्रशासन और सरकार से मांग
यात्रियों ने कहा कि पटना-गया रेलखंड पर ट्रेन सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी पैसेंजर ट्रेनों में बोगियों की संख्या 15 तक बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
रेलवे की प्रतिक्रिया
रेल थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेन में बोगियों की कमी के कारण लोग नाराज हैं और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। फिलहाल स्थिति सामान्य है और प्रदर्शनकारियों पर कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, प्रदर्शन के दौरान ट्रेन घंटों तक रुकी रही। इस वजह से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और रेलवे प्रशासन से जल्द समाधान की अपेक्षा जताई।