पंचायत के फैसले की घोषणा करते मुखिया
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बिहार के मदनपुर प्रखंड के सलैया थाना क्षेत्र के राजा गरड़ी गांव में 11 वर्षीय सूरज कुमार की निर्मम हत्या के बाद खाप पंचायत ने विवादित और गैरकानूनी तुगलकी फैसला सुनाया। पंचायत ने हत्यारोपी सोनू कुमार के पूरे परिवार को सामाजिक बहिष्कार और गांव छोड़कर अन्य स्थान पर जाने का आदेश दिया।जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी की शाम सूरज कुमार लापता हो गया था। परिजनों ने कई जगह खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि सूरज को रिश्ते में चाचा लगने वाले सोनू कुमार के साथ गांव से बाहर जाते देखा गया था।
पुलिस ने बरामद की बोरी में लाश
पुलिस ने किशोर की तलाश के दौरान सोनू कुमार को हिरासत में लिया। 12 घंटे की पूछताछ के बाद सोनू टूट गया और उसने पुलिस के सामने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने सूरज को बहला-फुसला कर सुनसान जगह पर ले जाकर गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गांव से करीब 500 मीटर दूर झाड़ी से बोरे में भरी सूरज की लाश बरामद की। सलैया थाना की पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य संकलन कराया। इसके बाद हत्यारोपी सोनू कुमार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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पंचायत की बैठक और तुगलकी फैसला
घटना के बाद राजा गरड़ी गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें गांव के लोग और चेई नवादा पंचायत के मुखिया विकास कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह शामिल हुए। पंचायत में हत्यारोपी को फांसी की सजा दिलाने और पूरे परिवार को तड़ीपार करने का फैसला सुनाया गया। मुखिया ने कहा कि पीड़ित परिवार और पंचायत के साथ खड़े हैं और हत्यारोपी को आजीवन कैद की सजा दिलाना प्राथमिकता है।
पुलिस को भी जानकारी दी जाएगी
मुखिया ने कहा कि सलैया थानाध्यक्ष ने सही कार्रवाई की है और उनका काम सराहनीय है। हत्यारोपी का परिवार पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। पंचायत का फैसला कानून के दायरे में रहते हुए लिया गया और इसकी जानकारी औरंगाबाद के एसडीपीओ-2 चंदन कुमार को दी जाएगी। वहीं, अधिवक्ता अभिनंदन मिश्रा ने इस फैसले को गैरकानूनी करार दिया। उनका कहना है कि किसी पंचायत को इस तरह का तड़ीपार का आदेश देने का अधिकार नहीं है। कानून के अनुसार, इस तरह के फैसले की कोई मान्यता नहीं है और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करना आवश्यक है।