जहानाबाद व्यवहार न्यायालय ने 27 वर्ष पुराने जानलेवा हमले के मामले में दोषी करार रामानुज सिंह को कठोर सजा सुनाई है। शनिवार को डीएंडएसजे प्रथम रवि रंजन मिश्र की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत दोषी को 10 साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा अदालत ने शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत रामानुज सिंह को 5 साल का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। इस अर्थदंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में दोषी को 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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अपर लोक अभियोजक विजय कुमार मिश्र ने बताया कि यह मामला जहानाबाद जिले के कुर्था थाना क्षेत्र के मुरहारा गांव का है। पीड़ित सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि चना तोड़ने के विवाद को लेकर पहले उसके बेटे के साथ मारपीट की गई। अगले दिन सुबह जब वह अपने बैल बांध रहे थे, तभी रामविलास सिंह और रामानुज सिंह पहुंचे और धमकी दी। इसी दौरान रामानुज सिंह ने कमर से देशी पिस्तौल निकालकर गोली चला दी, जिससे सुरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों को अदालत में पेश किया गया था।