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सरकारी लापरवाही की हद: बिहार में जीवित वार्ड पार्षद रिकॉर्ड में मृत घोषित, इस ‘कागजी मौत’ का खुलासा हुआ कैसे?

Tue, 20 Jan 2026 08:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी

सार

Gayaji News: गयाजी में वार्ड पार्षद शीला देवी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उनकी विधवा पेंशन बंद हो गई। KYC के दौरान मामला सामने आया। पार्षद ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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बिहार सरकार के सिस्टम का विरोध करतीं वार्ड पार्षद शीला देवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गयाजी में सरकारी तंत्र की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां नगर निगम के वार्ड संख्या 34 की वार्ड पार्षद शीला देवी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया। यह मामला तब उजागर हुआ, जब वह विधवा पेंशन की KYC कराने कार्यालय पहुंचीं और उन्हें बताया गया कि जांच में लाभुक को मृत दर्शाया गया है।

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विधवा पेंशन रुकने पर हुआ खुलासा
वार्ड पार्षद शीला देवी ने मंगलवार को बताया कि पति की मृत्यु के बाद वह नियमित रूप से विधवा पेंशन का लाभ ले रही थीं। कुछ समय पहले अचानक उनके बैंक खाते में पेंशन की राशि आनी बंद हो गई। जब वह इसका कारण जानने प्रखंड कार्यालय पहुंचीं, तो उन्हें KYC कराने की सलाह दी गई।
 
रिकॉर्ड में मृत बताए जाने से उड़ी नींद
शीला देवी के अनुसार, KYC प्रक्रिया के दौरान यह जानकारी सामने आई कि पेंशन बंद होने का कारण यह दर्ज है कि जांच में लाभुक मृत पाया गया है। यह सुनकर वह स्तब्ध रह गईं। एक जीवित वार्ड पार्षद को मृत घोषित किया जाना प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताया जा रहा है।
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खुद को जीवित साबित करने को मजबूर पार्षद
वार्ड पार्षद शीला देवी ने कहा कि अब वह खुद को जीवित साबित करने में जुटी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना मौके पर जांच किए, घर बैठे ही जांच पूरी कर ली गई, जिसका यह नतीजा सामने आया है। उन्होंने इस मामले में संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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अन्य लाभुकों को लेकर भी चिंता
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ओम यादव ने कहा कि जब एक जीवित जनप्रतिनिधि को मृत घोषित किया जा सकता है, तो आम लाभुकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी लापरवाही के कारण कई पात्र लोग विधवा पेंशन जैसे लाभ से वंचित हो रहे होंगे।

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