बिहार के गया जिले में नक्सली इरफान उर्फ नितेश यादव के चाचा की अज्ञात अपराधियों ने गला दबाकर हत्या कर दी। घटना की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। यह मामला रविवार सुबह की है। हालांकि मामला भूमि विवाद से जोड़ कर देखा जा रहा है।
गया जिले के लाल इलाके से चिन्हित गया जिले के डुमरिया प्रखंड के तरवाडीह गांव में उस समय सनसनी फैल गई जब एक नक्सली इरफान उर्फ नितेश यादव के चाचा की संदिग्ध परिस्थितियों में गला दबाकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान नक्सली इरफान उर्फ नितेश यादव के चाचा डोमन यादव के रूप में हुई। घटना की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। यह मामला रविवार सुबह की है। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। मृतक के शरीर पर संघर्ष के निशान भी पाए गए हैं, जिससे आशंका है कि हत्या आपसी रंजिश या अन्य विवाद के चलते की गई हो।
घटना के संबंध में मृतक के पुत्र रामलाल यादव ने बताया कि रविवार की सुबह पिता डोमन यादव घर से निकले थे। पहले से घात लगाए अपराधियों ने उनकी गला दबाकर हत्या कर दी। शरीर के कई जगहों पर चोट के निशान भी मिले हैं। मारपीट के दौरान अपराधियों ने उनके दांत भी तोड़ दिए हैं। घर के महज 20 फीट की दूरी पर मृत पड़े हुए थे। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों के बीच जमीन विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में हमारे पिता की हत्या की गई है।
घटना के संबंध में इमामगंज के एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि मामले की शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। साथ ही जांच शुरू कर दी गई है और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। घटना स्थल से कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जल्द खुलासा किया जाएगा। फिलहाल घटना में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस छानबीन कर रही है। शीघ्र वारदात में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।