एसपी ने पांच थाना अध्यक्षों समेत 38 पुलिस अधिकारियों का वेतन रोका
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जहानाबाद पुलिस महकमे में उस समय हलचल मच गई जब जिले के पुलिस कप्तान ने कार्य में लापरवाही के आरोप में पांच थाना अध्यक्ष समेत 38 पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान के निर्देश पर की गई। ग्राम पलेक्स भवन में आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी ने यह आदेश जारी किया और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा।
लंबित मामलों पर जताई नाराजगी
क्राइम मीटिंग में पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने थानों में लंबित कांडों और अनुसंधान कार्यों में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। विशेष रूप से नगर थाना में लंबित मामलों को लेकर नगर थाना अध्यक्ष उमेश प्रसाद के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा नगर थाना के कई अनुसंधानकर्ताओं का वेतन भी रोका गया।
पांच थानेदार समेत कई अनुसंधानकर्ताओं पर कार्रवाई
इस कार्रवाई के तहत हुलासगंज, पाली, ओकरी और अन्य दो थानों के अध्यक्षों सहित कुल पांच थानेदारों और 38 केस के अनुसंधानकर्ताओं के वेतन पर रोक लगाई गई है। सभी अधिकारियों से इस मामले में जवाब मांगा गया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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लंबित मामलों के निष्पादन का दिया निर्देश
बैठक में एसपी ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि थानों में लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। इसके साथ ही फरार वारंटियों की गिरफ्तारी, लाल वारंट के मामलों का निष्पादन, जब्ती-कुर्की की कार्रवाई और थाना क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण तथा शराब कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
अपराजित लोहान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पुलिस पदाधिकारी की ओर से कर्तव्य पालन में ढिलाई बरती गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में अनुशासन को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लंबित मामलों के शीघ्र समाधान को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।