जहानाबाद सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज की मौत के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ कुछ समय के लिए अस्पताल से बाहर निकल गए, जिससे इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
सिर में तेज दर्द के बाद लाया गया था अस्पताल
जानकारी के अनुसार, मखदुमपुर थाना क्षेत्र के दाउदपुर गांव निवासी 50 वर्षीय राजमुनी देवी को सिर में तेज दर्द की शिकायत के बाद इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल लाया गया था। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने जांच के बाद दवा लिखी और उसी के अनुसार उपचार शुरू किया गया।
इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी तबियत
परिजनों का आरोप है कि महिला को इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन आक्रोशित हो उठे और इलाज में लापरवाही तथा गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
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चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन
हंगामा बढ़ने पर डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ अस्पताल परिसर से बाहर निकल गए। इससे इमरजेंसी वार्ड कुछ समय के लिए चिकित्सकों से खाली हो गया और इलाज के लिए पहुंचे अन्य मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर नगर थाना अध्यक्ष उमेश प्रसाद पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि परिजन जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को सामान्य करने के लिए सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार स्वयं इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। उन्होंने चिकित्सा व्यवस्था संभाली और मरीजों का इलाज दोबारा शुरू कराया।
नगर थाना अध्यक्ष उमेश प्रसाद ने कहा कि यदि परिजनों को इलाज में लापरवाही की आशंका है तो वे लिखित शिकायत दें। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।