भारतीय सेना के लिए गौरवशाली क्षण तब आया, जब गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में 26वीं पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इस परेड के साथ 161 कैडेट्स ने अंतिम पग पर कदम रखते हुए भारतीय सेना के विभिन्न विंग्स में सैन्य अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया।
इस बार की पासिंग आउट परेड को ऐतिहासिक बनाने वाली खास बात यह रही कि पहली बार गया ओटीए से 18 युवतियां भी सैन्य अधिकारी बनीं। इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने मुख्य अतिथि भारतीय सेना के पूर्वी कमान के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल रामचंद्र तिवारी, जिन्होंने युवा सैन्य अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
पहली बार महिला कैडेट्स बनीं सैन्य अधिकारी
गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) की स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी। अब तक यहां से सिर्फ पुरुष सैन्य अधिकारी ही पास आउट होते थे, लेकिन इस बार यह परंपरा टूटी और 18 महिला कैडेट्स ने भी कड़ी ट्रेनिंग के बाद सेना में अपना स्थान बनाया। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके सशक्तिकरण को दर्शाती है।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स हुए सम्मानित
पासिंग आउट परेड के दौरान मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल रामचंद्र तिवारी ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को पुरस्कृत किया। इन पुरस्कारों में ड्रिल, फिजिकल ट्रेनिंग, वेपन ट्रेनिंग, सर्विस सब्जेक्ट्स और अकादमिक क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स का सम्मान शामिल थे। साथ ही बत्रा बटालियन को ‘कमांडेंट बैनर’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन युवा सैन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक रहा, जिन्होंने कठिन प्रशिक्षण के दौरान अपनी काबिलियत साबित की।
माता-पिता ने राष्ट्र की रक्षा के लिए सौंपे जिगर के टुकड़े
पासिंग आउट परेड के बाद आयोजित पीपिंग सेरेमनी सबसे भावुक क्षणों में से एक रही। इस दौरान कैडेट्स के माता-पिता ने अपने जिगर के टुकड़ों के कंधों पर बैज लगाकर उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया। यह क्षण गर्व, खुशी और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत था। माता-पिता के चेहरों पर अपने बच्चों के सैन्य अधिकारी बनने की खुशी झलक रही थी, वहीं युवा सैन्य अधिकारी देश सेवा की जिम्मेदारी का भार अपने कंधों पर महसूस कर रहे थे।
मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले में कैडेट्स ने दिखाया दमखम
पासिंग आउट परेड से एक दिन पहले सात मार्च की शाम मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले का आयोजन हुआ, जिसमें कैडेट्स ने अपनी साहसिक और युद्ध-कौशल क्षमताओं का अद्भुत प्रदर्शन किया। इन डिस्प्ले में घुड़सवारी, जिमनास्टिक, स्काई डाइविंग, एरियल स्टंट, आर्मी डॉग शो और रोबोटिक म्यूल डिस्प्ले शामिल थे। इस कार्यक्रम ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और साबित कर दिया कि भारतीय सेना में शामिल होने वाले युवा अधिकारी न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी पूरी तरह से तैयार हैं।
भारतीय सेना को मिले नए जांबाज
161 युवा सैन्य अधिकारियों का भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करना देश के लिए गर्व की बात है। ये युवा अधिकारी देश की रक्षा, सेवा और समर्पण के मूल सिद्धांतों को अपनाते हुए अपनी नई भूमिका में उतरेंगे। खासतौर पर 18 महिला सैन्य अधिकारियों का इस ऐतिहासिक परेड का हिस्सा बनना भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को और अधिक मजबूत करता है। अब ये युवा अधिकारी भारतीय सेना के विभिन्न विंग्स में तैनात होकर राष्ट्र रक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे और देश की संप्रभुता को अक्षुण्ण रखने के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करेंगे।