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Bihar News: उत्तर कोयल नहर परियोजना को मिला नया जीवन, किसानों को मिल रहा मुआवजा; जल्द लगेगा कुटकु डैम में फाटक

Sat, 17 May 2025 08:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद

सार

Aurangabad News: भाजपा नेता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि 1995 से उन्होंने इस परियोजना को धरातल पर लाने के लिए सतत प्रयास किए। इसके फलस्वरूप वन विभाग द्वारा लगाई गई रोक हटाई गई। फिर पीएम मोदी द्वारा इस परियोजना के बचे हुए कार्यों को पूरा करने की घोषणा की गई।
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इसी जगह पर कुटकु डैम में लगेगा फाटक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार और झारखंड की सीमाओं को जोड़ती उत्तर कोयल नहर परियोजना, जो बीते पांच दशकों से अधर में लटकी हुई थी, अब फिर से गति पकड़ रही है। इस परियोजना के तहत झारखंड के पलामू जिले के कुटकु डैम में फाटक लगाने का कार्य शीघ्र शुरू होने वाला है। इसके लिए सबसे बड़ी बाधा रहे विस्थापितों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। सात गांवों के 780 विस्थापित किसान परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा मुआवजा दिया जा रहा है, जिससे अब परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।

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1972 से रुकी थी सिंचाई की आस
उत्तर कोयल नहर परियोजना की शुरुआत वर्ष 1972 में की गई थी, जिसका उद्देश्य झारखंड और बिहार के पलामू, गढ़वा, औरंगाबाद और गया जी जिलों के लाखों हेक्टेयर खेतों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराना था। परियोजना के तहत कुटकु डैम 1993 में ही बनकर तैयार हो गया था, लेकिन पर्यावरणीय नियमों और वन संरक्षण अधिनियम 1980 के कठोर प्रावधानों के चलते इसमें जल संग्रहण के लिए फाटक नहीं लग पाए। नतीजन, परियोजना अधूरी रह गई और केवल बारिश के पानी पर निर्भरता बनी रही।

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भगीरथ प्रयासों से टूटी गतिरोध की दीवार
औरंगाबाद के पूर्व सांसद व भाजपा नेता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि 1995 से उन्होंने इस परियोजना को धरातल पर लाने के लिए सतत प्रयास किए। इसके फलस्वरूप वन विभाग द्वारा लगाई गई रोक हटाई गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस परियोजना के बचे हुए कार्यों को पूरा करने की घोषणा की गई। फाटक निर्माण, नहर की मरम्मत और विस्थापितों के पुनर्वास हेतु केंद्र सरकार ने एक बड़ी राशि स्वीकृत की।
 
विस्थापितों को दूसरी बार मिल रहा मुआवजा
परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती रहे विस्थापित किसान परिवार, जिन्होंने पहले मुआवजा मिलने के बाद भी अपने दावों को पुनः उठाया था, अब उन्हें दूसरी बार मुआवजा दिया जा रहा है। पूर्व सांसद के अनुसार, सात गांवों के 780 किसान परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा प्रति परिवार 15 लाख रुपये और एक-एक एकड़ भूमि प्रदान की जा रही है। इसमें पहली किश्त के रूप में 10 लाख रुपये और गढ़वा जिले के विश्रामपुर में कृषि भूमि दी जा रही है। जमीन पर कब्जा होने के बाद ही शेष पांच लाख रुपये की दूसरी किश्त दी जाएगी।
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फाटक लगाने की तैयारियां पूरी, विस्थापन की अंतिम प्रक्रिया शेष
डैम में फाटक लगाने का कार्य अब केवल विस्थापितों के पूरी तरह हटने पर निर्भर है। पूर्व सांसद ने बताया कि फाटक बनकर तैयार है और जैसे ही विस्थापन की प्रक्रिया पूरी होगी, कुटकु डैम में जल भंडारण की दिशा में निर्णायक कदम उठाया जाएगा। इससे चार जिलों के किसानों को वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

 

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