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Bihar News: ईओ हत्याकांड के बाद पत्नी की भावुक गुहार! बोलीं- 8 करोड़ मुआवजा और गजटेड नौकरी दे सरकार

Thu, 06 Aug 2026 05:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद

सार

डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार हत्याकांड में एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद उनकी पत्नी बबिता कुमारी ने बिहार सरकार से 8 करोड़ रुपये के मुआवजे और गजटेड रैंक की सरकारी नौकरी की मांग की है।
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रोती-बिलखती इओ विमल कुमार की पत्नी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के बहुचर्चित डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार हत्याकांड में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतरिम रिपोर्ट सामने आने के बाद मृतक ईओ की पत्नी बबिता कुमारी ने बिहार सरकार से बड़ी मांग की है। उन्होंने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 8 करोड़ रुपये का मुआवजा और गजटेड रैंक की सरकारी नौकरी देने की अपील की है।

पति की हत्या के बाद गहरे सदमे में परिवार

बबिता कुमारी ने कहा कि पति विमल कुमार की हत्या के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है। इस घटना ने परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि लोग सांत्वना दे रहे हैं और ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ अब पूरी तरह उनके कंधों पर आ गया है।

उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश, उनकी पढ़ाई और पूरे परिवार को संभालने की जिम्मेदारी अब अकेले उन्हें निभानी है। ऐसे में सरकार से मदद की उम्मीद ही उनके लिए सबसे बड़ा सहारा है।

परिवार के भविष्य को लेकर सता रही चिंता

ईओ की पत्नी ने कहा कि उन्हें अपने परिवार के भविष्य की सबसे अधिक चिंता है। उनके अनुसार, विमल कुमार परिवार का पालन-पोषण अच्छी तरह कर रहे थे, लेकिन उनकी हत्या के बाद घर पर आर्थिक संकट गहरा गया है।

उन्होंने बताया कि घर की हर महीने करीब 30 हजार रुपये की ईएमआई भी चुकानी है। ऐसे में परिवार का खर्च, बच्चों की शिक्षा और अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करना बेहद कठिन हो गया है।

8 करोड़ मुआवजा और गजटेड नौकरी की मांग

बबिता कुमारी ने बिहार सरकार से मांग की है कि परिवार के भरण-पोषण और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कम से कम 8 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्हें गजटेड रैंक की सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सहायता प्रदान करती है, तो उनके बच्चों और पूरे परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। उन्होंने राज्य सरकार से जल्द निर्णय लेने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।

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