प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत पर औरंगाबाद के जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने बड़ी कार्रवाई की है। योजना में रिश्वतखोरी के आरोप में आवास सहायक, विकास मित्रों और वार्ड सदस्यों के खिलाफ रफीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
डीएम को व्हाट्सएप पर मिली थी शिकायत
डीएम ने बताया कि उन्हे व्हाट्सएप पर रफीगंज के बौर पंचायत के
के आवास सहायक और अन्य के खिलाफ बहादुरपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) के तहत योग्य नये परिवारों को जोड़ने के लिए किए जा रहे सर्वेक्षण में अवैध राशि की मांग किये जाने की शिकायत की थी।
शिकायत की एसडीओ ने की जांच
शिकायत की उन्होने औरंगाबाद के अनुमंडल पदाधिकारी(एसडीओ) संतन कुमार से जांच कराई। मामले को लेकर की गई जांच की रिपोर्ट में एसडीओ ने बौर पंचायत के आवास सहायक, विकास मित्र के पति इंद्रजीत राम, बौर के अरविंद पासवान, वार्ड संख्या-05 के वार्ड सदस्य सुदर्शन साव, वार्ड- 04 के वार्ड सदस्य उमेश पासवान, को दोषी पाते हुए उनपर कठोर कार्रवाई करने की अनुशंसा की।
जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर प्राथमिकी
समीक्षा के बाद उन्होने सभी संबंधित कर्मी एवं व्यक्तियों को दोषी पाते हुए रफीगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी(बीडीओ) को रफीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। आदेश के आलोक में बीडीओ ने रफीगंज थाना में शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी के बाद रफीगंज पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
रिश्वतखोरों में हड़कंप
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के मामले में प्रायः औरंगाबाद के सभी पंचायतों में रिश्वतखोरी की शिकायतें आम हैं। ऐसी ही शिकायत के मामले का औरंगाबाद के डीएम ने संज्ञान लिया। मामले की जांच कराई। जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।प्राथमिकी से रिश्वतखोर आवास सहायकों, विकास मित्रों और वार्ड सदस्यों में हड़कंप मचा है।