फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: जहानाबाद के काको नगर पंचायत में डायरिया का कहर, तीन वर्षीय बच्ची की मौत; दर्जनों बीमार

Thu, 31 Jul 2025 03:47 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद

सार

Bihar: हालात बिगड़ते देख ग्रामीणों ने बीमारों को काको पीएचसी में भर्ती कराया, लेकिन गंभीर स्थिति होने पर 22 मरीजों को सदर अस्पताल रेफर किया गया। इनमें तीन वर्षीय बच्ची प्रीति कुमारी की इलाज के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
डायरिया का कहर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जहानाबाद जिले के काको नगर पंचायत क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर पंचायत के कुरैशी मोहल्ला, मुसहरी, कोइरी टोला, पासवान टोली और दुर्गास्थान सहित आसपास के इलाकों में डायरिया ने महामारी का रूप ले लिया है। अब तक दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, जबकि एक तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक करीब 22 मरीजों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कई अन्य मरीजों का इलाज काको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी क्लीनिकों में चल रहा है। पीड़ितों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से क्षेत्र में डायरिया का संक्रमण फैल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नल-जल योजना की टंकी वर्षों से साफ नहीं हुई है। बीते कुछ दिनों से पानी की आपूर्ति बंद थी और जैसे ही सोमवार को पानी की सप्लाई शुरू हुई, कई लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायतें होने लगीं।

हालात बिगड़ते देख ग्रामीणों ने बीमारों को काको पीएचसी में भर्ती कराया, लेकिन गंभीर स्थिति होने पर 22 मरीजों को सदर अस्पताल रेफर किया गया। इनमें तीन वर्षीय बच्ची प्रीति कुमारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। बीमारों के इलाज के लिए मेडिकल कैंप लगाया गया है, साथ ही प्रभावित मोहल्लों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर मरीजों की पहचान में जुटी हुई है।

सिविल सर्जन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में डायरिया के फैलने की वजह दूषित पेयजल और साफ-सफाई की कमी मानी जा रही है। पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सभी भर्ती मरीज खतरे से बाहर हैं।

विज्ञापन


पढ़ें: सीवान में नकली पेट्रोल-डीजल बनाने का भंडाफोड़, चार टैंकर सॉल्वेंट जब्त; तस्कर फरार

इधर, स्थानीय विधायक रामबली सिंह यादव भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर मरीजों और परिजनों से मिले। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। विधायक ने कहा, "कहने को यह इलाका नगर पंचायत क्षेत्र में आता है, लेकिन यहां सफाई की व्यवस्था बेहद बदहाल है। बजट की कोई कमी नहीं है, बावजूद इसके टंकी की वर्षों से सफाई नहीं कराई गई। हमारी अनुशंसा की अनदेखी कर सौंदर्यीकरण के नाम पर लूट मचाई जा रही है। फिलहाल, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम हालात पर काबू पाने की कोशिश में जुटी है। लेकिन यह मामला नगर निकायों की लापरवाही और जल आपूर्ति की गुणवत्ता पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें