फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप

Mon, 01 Sep 2025 08:25 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,औरंगाबाद

सार

औरंगाबाद जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. लालसा सिंहा के प्राइवेट अस्पताल में रविवार देर शाम 32 वर्षीय पूनम देवी और उसके नवजात की मौत हो गई।
 
विज्ञापन
(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

औरंगाबाद जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। शहर के महाराजगंज रोड स्थित महिला चिकित्सक एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. लालसा सिंहा के प्राइवेट अस्पताल में रविवार देर शाम जच्चा बच्चा की मौत हो गई। मृतका की पहचान नबीनगर प्रखंड के माली थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी विनोद यादव की पत्नी पूनम देवी (32 वर्ष) के रूप में हुई है।
विज्ञापन


परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से प्रसव के दौरान पूनम और उसके बच्चे दोनों की मौत हो गई। बताया गया कि पूनम शादी के 15 साल बाद मां बनने वाली थी और पूरी प्रेगनेंसी के दौरान वह डॉ. सिंहा की देखरेख में थी। हर माह नियमित जांच और दवा लेती रही। रविवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर जब उसे अस्पताल लाया गया तो डॉक्टर ने गंभीरता नहीं दिखाई और सही समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाया।

स्पताल में हंगामा, पुलिस ने कराया शांत

घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए और डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अब तक लिखित शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Bihar Election : पहली बार तेज प्रताप यादव 'अबकी बार तेजस्वी सरकार' का नारा सुनकर भड़के; कह दीं ये बातें
विज्ञापन



डॉक्टर ने दी सफाई

वहीं, डॉ. लालसा सिंहा का कहना है कि महिला की हालत पहले से ही बेहद जटिल (क्रिटिकल) थी। डॉक्टर के अनुसार, पूरी कोशिश के बावजूद जच्चा बच्चा को बचाया नहीं जा सका। पूनम देवी की मौत से शाहपुर गांव में मातम पसर गया है। परिजन रो रोकर बेहाल हैं। जिस परिवार को 15 साल बाद मातृत्व सुख मिलने वाला था, वहां अब गहरा सन्नाटा छा गया है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें