बिहार के गया जिले में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना नक्सल प्रभावित क्षेत्र छकरबंधा थाना क्षेत्र के बरहा गांव की है। मृतक की पहचान बरहा गांव निवासी रविंद्र यादव (35) के रूप में की गई है।
स्वतंत्रता दिवस को दोस्तों के साथ निकला था
घटना के संबंध में मृतक के चाचा राजदेव यादव ने बताया कि उनका भतीजा 15 अगस्त को घर से निकाला था। एक दोस्त ने 15 अगस्त के दिन उसे बहला-फुसलाकर घर से ले गया था। जब देर शाम तक घर नहीं लौटा तो हम लोग खोजबीन करने लगे। जब नहीं कुछ पता चला, तब 16 अगस्त को उससे दोस्त से पूछे कि तुम्हारे साथ रविंद्र गया था तो कहां रह गया। उसने बताया कि रविन्द्र ससुराल चला गया हैं। उसके बाद परिजनों को ऐसा लगा कि हो सकता है वह ससुराल चला गया होगा। इसके बाद स्थानीय थाने की पुलिस के द्वारा सूचना मिली कि तारचुआं गांव स्थित डैम में एक युवक का शव पानी में तैरते हुए मिला है। युवक की पत्नी युवक के हाथ में कड़ा और कपड़े से पहचान करते हुए शव की पहचान रविंद्र यादव के रूप में की। परिजनों ने कहा कि शरीर पर कई जगह जख्म के निशान थे। चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था।
पड़ोसी ने दी थी जान से मारने की धमकी
परिजनों का कहना है कि रविंद्र को उनके पड़ोसी ने ही संयोजित तरीके से षड्यंत्र रचकर हत्या कर दी है। उन्होंने बताया कि पिछले 20 दिन पूर्व उनके एक पड़ोसी के साथ जमीनी विवाद हुआ था, जिसमें दोनों के बीच मारपीट हुई थी। उस समय पड़ोसी ने कहा था कि उसके परिवार के सभी सदस्य को खत्म कर देगा। मारपीट की घटना के बाद थाना में मुखिया और सरपंच के बीच बैठक कराकर मामले को समाप्त कराया दिया गया था। उन्होंने आशंका जताया है कि इस तरह का हत्या पड़ोसी के द्वारा ही साजिश के तहत कराई गई है। वहीं उन्होंने बताया कि इस हत्या के पीछे रविन्द्र के दोस्त का भी हाथ है। मृतक रविंद्र के एक 8 वर्ष की बेटी और दूसरा 5 वर्ष की बेटी और तीसरा 2 साल का एक बेटा है। उधर मृतक के पत्नी अपने सीने से तीनों बच्चों को गोद में लेकर रो-रो कर बेसुध हो जा रही थी। फिलहाल स्थानीय पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
रोते-बिलखते परिजन
इसी थाना क्षेत्र हुई है घटना