जर्जर पुल टूटने से धंसा हाईवा वाहन
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बिहार में पिछले वर्ष की तरह नए साल 2026 में भी पुल और पुलियों के गिरने की खबरें सामने आने लगी हैं। ताजा मामला औरंगाबाद जिले से जुड़ा है, जहां शुक्रवार को रफीगंज–ओबरा मुख्य पथ पर स्थित एक पुराना पुल अचानक ढह गया। इस घटना ने राज्य में बुनियादी ढांचे की मजबूती को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाईवा गुजरते समय हुआ हादसा
रफीगंज–ओबरा मुख्य मार्ग पर बौर बहादुरपुर गांव के बीच बने करीब 20 साल पुराने पुल पर एक भारी हाईवा गुजर रहा था। इसी दौरान पुल हाईवा का दबाव नहीं झेल सका और अचानक धंसकर टूट गया। हादसे में पुल का एक हिस्सा हाईवा में फंस गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित
पुल टूटते ही रफीगंज–ओबरा मुख्य मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। यह मार्ग रफीगंज और ओबरा को जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य रास्ता होने के कारण हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात संभालने की कोशिश की और जाम हटवाने में जुट गई। करीब आठ घंटे तक मार्ग बाधित रहा, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने किसी तरह आवागमन को नियंत्रित किया।
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जेसीबी से निकाला गया फंसा हाईवा
पुल पर फंसे हाईवा को हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद हाईवा को बाहर निकाला जा सका। इसके बाद सड़क पर लगे जाम को धीरे-धीरे हटाया गया, लेकिन तब तक लंबा समय बीत चुका था।
वैकल्पिक व्यवस्था और नए पुल की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल लंबे समय से जर्जर हालत में था। करीब 20 साल पुराने इस पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर पहले भी चिंता जताई जा चुकी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते ध्यान नहीं दिए जाने के कारण यह हादसा हुआ। पुल टूटने से रफीगंज और ओबरा के बीच सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक रास्ता तैयार करने और नए पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।