जहानाबाद की हवा इन दिनों सिर्फ फसल की नहीं, सियासत की भी खुशबू से भरी है। खेतों में धान झूम रहे हैं, तो गलियों में चुनावी चर्चाओं की लहर दौड़ रही है। चौपालों पर बहसें गरम हैं, नुक्कड़ों पर नारे गूंज रहे हैं और हर जुबां पर वही सवाल, “कौन थामेगा बिहार की सत्ता की कमान?” जब ‘अमर उजाला’ का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम जहानाबाद पहुंचा, तो लगा जैसे पूरा इलाका लोकतंत्र के रंग में रंग चुका है। कहीं उम्मीदों की फुसफुसाहट, कहीं नारों की गूंज, और हर तरफ जनता की वो आवाज़ जो तय करेगी बिहार के आने वाले कल की दिशा।
स्थानीय निवासी मुरारी यादव ने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां के विकास के लिए दिन-रात मेहनत की है। सड़कों और स्कूलों पर काफी काम हुआ है। पहले पटना से जहानाबाद आना बहुत मुश्किल था, लेकिन अब सफर आसान हो गया है। इस बार फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है।”
वहीं, विश्वदेव केवट का कहना है, “यहां नाले की सफाई बड़ी समस्या है। राजद के विधायक यहां कोई काम नहीं करते। लोग नीतीश कुमार को पसंद करते हैं, इसलिए वे फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।” मोहम्मद आफताब ने कहा, “प्रशांत किशोर जो मुद्दे उठा रहे हैं, वे अहम हैं। वे रोजगार और नौकरी की बात कर रहे हैं, इसलिए हम उनका समर्थन कर रहे हैं। अभी तक किसी नेता ने उनके सवालों के जवाब नहीं दिए हैं।”
सुरेश चौधरी ने कहा, “जहानाबाद में इस बार एनडीए की लहर है। नीतीश कुमार लोगों की पसंद हैं और यहां शांति का माहौल है।” वहीं, अशोक कुमार सिन्हा ने कहा, “नीतीश कुमार के कार्यकाल में जितना विकास हुआ है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। मैं जेपी आंदोलन में भी शामिल था, लेकिन इतना विकास तो इंदिरा गांधी के समय में भी नहीं हुआ था।”
रामकुमार ने कहा, “यहां सबसे बड़ा मुद्दा विकास है। जो भी विकास करेगा, वोट उसी को मिलेगा। यहां पुल बनाने की जरूरत है। हम एनडीए के साथ हैं और इस बार फिर से एनडीए की सरकार बनेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “कुछ लोग नीतीश कुमार की उम्र पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन हमारे लिए यह कोई मुद्दा नहीं है। हमारे लिए असली मुद्दा विकास है, उम्र नहीं।” वहीं सूरज कुमार ने कहा, “इस बार जनता सब समझ चुकी है। यहां बेरोजगारी और पलायन बड़ी समस्याएं हैं। लोग अब सोच-समझकर वोट देंगे, क्योंकि नीतीश कुमार की उम्र अब काफी हो गई है।”