गया जी की धरती इन दिनों राजनीति की तपिश से तप रही है। खेतों में धान की महक के साथ-साथ सियासत की गूंज भी हवा में घुली हुई है। हर चौपाल पर बहस है, हर गली में चर्चा “कौन संभालेगा बिहार की बागडोर?” जब अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ गया जी पहुंचा तो लगा जैसे लोकतंत्र की नब्ज यहीं सबसे ज़ोर से धड़क रही हो उम्मीदों, नारों और जनता की राय के बीच तय हो रहा है बिहार के भविष्य का रास्ता।
स्थानीय निवासी संजय कुमार सिन्हा ने कहा, “गया जी में 10 विधानसभा सीटें आती हैं और गया शहर की सीट सबसे ज्यादा हॉट सीट मानी जाती है। इस बार चुनाव में बदलाव की लहर चल रही है। हम इस बार महागठबंधन को वोट देंगे। पिछले 30 साल से हम बीजेपी को समर्थन करते आ रहे थे, लेकिन अब हमारा प्रतिनिधित्व कम हो गया है। इसलिए हमने तय किया है कि जहां से हमारे समाज (कायस्थ) का उम्मीदवार खड़ा है, वहीं उसे जिताएंगे। अब हम पार्टी नहीं, उम्मीदवार को देखकर वोट देंगे।”
अशोक कुमार सिंह ने कहा, “गया शहर में पिछले 20 वर्षों से कोई बड़ा विकास नहीं हुआ है। इसलिए अब जनता बदलाव चाहती है।” सुरेश प्रसाद ने बताया, “गया शहर में बीजेपी अभी भी मजबूत है। यहां बीजेपी को ही जीत मिलेगी। मैं जेपी आंदोलन के समय से बीजेपी से जुड़ा हूं और इस बार भी बीजेपी को ही वोट दूंगा। मौजूदा विधायक ने भी इलाके में काम किया है।”
वहीं वीरेंद्र सिंह ने कहा, “हम इस बार एनडीए को समर्थन दे रहे हैं। एनडीए सरकार ने जो विकास किया है, वो सबके सामने है और आगे भी विकास का काम जारी रहेगा। यूपीए के लोग सिर्फ जाति की राजनीति करते हैं, लेकिन अब लोग विकास के मुद्दे पर वोट देंगे।”
विजय प्रसाद ने कहा, “यहां से मौजूदा विधायक ही जीतेंगे। हमने उनके काम को करीब से देखा है। उन्होंने सड़कों का निर्माण कराया है, इसलिए इस बार भी हम उन्हें ही जिताएंगे।” उत्तम कुमार ने कहा, “गया जी में इस बार मुकाबला दोतरफा है, लेकिन मैं बीजेपी को वोट दूंगा। मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पसंद हैं, और इसी वजह से मैं बीजेपी का समर्थन कर रहा हूं।”
नवीन कुमार सिन्हा ने कहा, “हम किसी को यह नहीं कह सकते कि किसे वोट देना है और किसे नहीं। सच यह है कि प्रेम कुमार पिछले 35 साल से यहां के विधायक हैं, लेकिन उन्होंने ज्यादा काम नहीं किया। जीतन राम मांझी के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद ही यहां विकास के काम शुरू हुए। फिर भी इस बार हम एनडीए को ही वोट देंगे।”