भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य
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भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने स्पष्ट कहा कि बिहार में महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी यादव होंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार नहीं चल रही है, इसलिए इस बार जनता बदलाव के मूड में है। जहानाबाद के घोसी हाई स्कूल मैदान में भाकपा माले ने घोसी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामबली सिंह यादव के पांच साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी किया। सभा के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब भारी संख्या में मतदाताओं ने हाथ में तख्ती लेकर विधायक रामबली सिंह यादव को टिकट नहीं देने की मांग की। लोगों का आरोप था कि विधायक ने महागठबंधन के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की और केवल कमीशन खोरी की।
इस मौके पर महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सरकार और चुनाव आयोग दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता बदलाव के मूड में है और आगामी विधानसभा चुनाव में महागठबंधन 2020 से बेहतर प्रदर्शन करेगा।
'पेंशन बढ़ोतरी आंदोलन का नतीजा'
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन की राशि 1100 रुपए करने का निर्णय हमारे आंदोलन के दबाव में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 1050 एकड़ उपजाऊ जमीन अडानी को दे दी, जबकि भूमिहीन गरीब आज भी अपनी जमीन के इंतजार में हैं। भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं “एक मां के लिए एक पेड़ लगाइए”, लेकिन सरकार लाखों पेड़ों वाली उपजाऊ जमीन अडानी को दे रही है। उन्होंने कहा कि यह नीति किसानों और पर्यावरण दोनों के खिलाफ है।
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चुनाव सूची में गड़बड़ी का लगाया आरोप
भाकपा (माले) महासचिव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईआर के जरिए 80 लाख मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं। बिहार में 8 करोड़ 25 लाख मतदाता होने चाहिए, लेकिन प्रकाशित सूची में केवल 7 करोड़ 30 लाख नाम हैं। कई जीवित मतदाताओं को मृत दिखाकर उनके नाम हटा दिए गए हैं।
बताया कौन होगा महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा
भट्टाचार्य ने कहा, “तेजस्वी यादव ही हमारे मुख्यमंत्री उम्मीदवार होंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है।” उन्होंने बताया कि महागठबंधन में छह दल शामिल हैं और सीट बंटवारे पर अगले दो दिनों में सहमति बन जाएगी।
युवाओं को 1000 रुपए देना जले पर नमक छिड़कने जैसा
दीपांकर भट्टाचार्य ने नीतीश सरकार पर युवाओं के साथ मज़ाक करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने के बजाय युवाओं को 1000 रुपये देकर उनका अपमान कर रही है, जो कि जले पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिहार की जनता एनडीए सरकार को पूरी तरह नकार चुकी है और आने वाले दिनों में महागठबंधन की सरकार बनेगी।