बिहार में नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद अब सरकार इन इलाकों के तेज विकास पर फोकस कर रही है। इसी कड़ी में गृह विभाग ने नक्सल प्रभावित रहे सभी जिलों से विकास कार्यों के लिए विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं। मंगलवार को गृह विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की और विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
नक्सल प्रभावित इलाकों की हुई समीक्षा
बैठक में औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा समेत राज्य के सभी नक्सल प्रभावित जिलों के डीएम, एसपी और संबंधित अधिकारी शामिल हुए। गृह विभाग ने इन क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और उन इलाकों की पहचान करने को कहा, जहां अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल पर रहेगा फोकस
गृह विभाग ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, संचार, पर्यटन और अन्य बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, वहां सर्वे कर जरूरत के मुताबिक विकास योजनाओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए। सभी जिलों से कहा गया है कि प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव जल्द गृह विभाग को भेजे जाएं, ताकि उन्हें मंजूरी देकर काम शुरू कराया जा सके।
सरकार की प्राथमिकता है संतुलित विकास
गृह विभाग के सचिव ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों का समग्र और संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचा विकसित होने से स्थानीय लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
औरंगाबाद प्रशासन ने शुरू की तैयारी
समीक्षा बैठक के बाद औरंगाबाद जिला प्रशासन ने भी विकास प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि गृह विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार चिन्हित क्षेत्रों का सर्वे कर तय समय सीमा के भीतर विकास प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाए।
जल्द शुरू हो सकते हैं नए विकास कार्य
गृह विभाग का मानना है कि प्रस्ताव मिलने के बाद नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में नई विकास योजनाओं को मंजूरी देकर तेजी से लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इन इलाकों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करना और लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।