बिहार के औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड के बंदेया थाना क्षेत्र में वृद्ध की हत्या के मामले का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, अंधविश्वास और अवैध संबंध के कारण वृद्ध की हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
मृतक की पहचान अरवल जिले के करपी थाना क्षेत्र के पांचकेसर गांव निवासी जनेश्वर बिंद के रूप में हुई। पहचान के बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव का औरंगाबाद सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया।
एसपी ने गठित की थी एसआईटी
मामले में पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत बंदेया थाना में कांड संख्या 93/26 दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने दाउदनगर एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की और हत्याकांड का जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया।
पहले एक संदिग्ध को किया गिरफ्तार
पूछताछ में सामने आया हत्या का राज
पुलिस के अनुसार, लालकेश्वर रविदास ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि उसने अपने दो साथियों रामाशीष दास और एक महिला के साथ मिलकर वृद्ध की हत्या की थी। घटना के दौरान रामाशीष दास ने मृतक के हाथ-पैर पकड़े थे, जबकि लालकेश्वर ने हसुली से उसका गला रेत दिया।
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महिला समेत दो अन्य आरोपी गिरफ्तार
लालकेश्वर से मिली जानकारी के आधार पर एसआईटी ने रामाशीष दास को गोह थाना क्षेत्र के रमदी गांव और महिला आरोपी को अरवल जिले के करपी थाना क्षेत्र के तेरा गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल हसुली के अलावा एक मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और एक कमीज भी बरामद की है।
अंधविश्वास और अवैध संबंध बना हत्या की वजह
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आया कि अंधविश्वास और अवैध संबंध के चलते वृद्ध की हत्या की गई थी। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है।