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Bihar News: NIA अफसर बनकर ब्लैकमेलिंग करने वाला गोरखपुर का युवक गिरफ्तार, फर्जी आईडी और IPS बैज बरामद

Fri, 03 Apr 2026 08:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद

सार

Bihar News: गोरखपुर का एक युवक खुद को एनआईए और आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी कर रहा था, लेकिन दाउदनगर में एक व्यवसायी से पैसे मांगने के दौरान उसकी सच्चाई उजागर हो गई। स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जिसके बाद उसके पास से कई फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज बरामद हुए।
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पुलिस के गिरफ्त में फर्जी आईपीएस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश का एक युवक खुद को कभी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) तो कभी अपराध अनुसंधान एजेंसी (CIA) का अधिकारी बताकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। ठगी के इसी गोरखधंधे में बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में उसका दांव उल्टा पड़ गया। दाउदनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और फर्जी आईपीएस अधिकारी होने का भंडाफोड़ हो गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी राजेश शुक्ला के रूप में हुई है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

दाउदनगर के व्यवसायी को अनजान कॉल से हुआ परिचय
मिली जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद के दाउदनगर शहर के वार्ड-10, उत्तर दरवाजा मोहल्ला निवासी कपड़ा व्यवसायी राकेश कुमार को 19 फरवरी को एक अनजान कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को यूपी कैडर का 2016 बैच का आईपीएस अधिकारी राजेश शुक्ला बताया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और मुलाकात भी हुई। इस दौरान आरोपी ने खुद को एनआईए अधिकारी बताते हुए आईडी कार्ड दिखाया, जिससे व्यवसायी उस पर विश्वास करने लगा।

दो किस्तों में 47 हजार रुपये ठगे
विश्वास कायम होने के बाद आरोपी ने जरूरत का हवाला देकर 15 मार्च को व्यवसायी से दो किस्तों में कुल 47 हजार रुपये (37 हजार और 10 हजार) अपने खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद उसने 1.20 लाख रुपये की और मांग की।

दुकान पर आकर रौब झाड़ना पड़ा भारी
2 अप्रैल को आरोपी सीधे व्यवसायी की दुकान पर पहुंच गया और 1.20 लाख रुपये की मांग करने लगा। खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए उसने रौब झाड़ा। जब व्यवसायी ने रुपये देने से इनकार किया तो आरोपी गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी दी। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग और दुकानदार इकट्ठा हो गए।

तलाशी में खुली पोल
लोगों को शक होने पर आरोपी के बैग की तलाशी ली गई। तलाशी में एनआईए, सीआईए सहित कई फर्जी आईडी कार्ड, दस्तावेज और अन्य सामान बरामद हुए, जिससे उसकी असलियत सामने आ गई। पोल खुलने के बाद आरोपी ने स्वीकार किया कि वह आईपीएस अधिकारी नहीं है। उसने ठगी के उद्देश्य से कई फर्जी पहचान पत्र बना रखे थे और लोगों को प्रभावित कर उनसे पैसे ठगता था। इसके बादनस्थानीय व्यवसायियों ने घटना की सूचना दाउदनगर थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले गई।

मामला दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया
दाउदनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अशोक कुमार दास ने बताया कि ठगी के शिकार व्यवसायी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दाउदनगर थाना में प्राथमिकी संख्या 221/26 दर्ज की गई है।

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आरोपी के पास से ये चीजें हुई बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से आईपीएस लिखा बैज, एनआईए लिखा सफेद बैज, खाकी रंग की आईपीएस टोपी, एनआईए और सीआईए के फर्जी आईडी कार्ड, बीजेपी का आईडी कार्ड, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार समिति के लेटरपैड पर लिखे दो पत्र, विभिन्न सरकारी विभागों के नाम लिखी 4-5 टी-शर्ट और करीब 20-25 फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।

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