बिहार के औरंगाबाद के मदनपुर थाना की पुलिस ने नकली करेंसी के अवैध कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने नेटवर्क के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 2.48 लाख रुपये से अधिक की नकली करेंसी बरामद की गई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मिली महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।
औरंगाबाद सदर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ)-2 आदित्य कुमार ने शनिवार की शाम मदनपुर में प्रेसवार्ता में बताया कि औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा को एनएच-19 पर नकली करेंसी के परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आलोक में एसपी के निर्देश पर मदनपुर थाना की पुलिस ने एनएच-19 पर थाना मोड़ के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान गया की ओर से आ रहा एक बाइक सवार पुलिस को वाहन जांच करते देख भागने लगा।
पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसका पीछा किया और बाइक सवार को पकड़ लिया। इसके बाद विधिवत तलाशी लेने पर उसके पास से 500-500 रुपये के कुल 297 जाली नोट, जिनकी कुल कीमत 1,48,500 रुपये है, बरामद किए गए। पुलिस के हत्थे चढ़े व्यक्ति की पहचान मदनपुर थाना क्षेत्र के बाबूबांध गांव निवासी नागदेव पासवान के पुत्र सुरेंद्र कुमार (45) के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से उसकी बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर मदनपुर थाना लाया गया, जहां पूछताछ के दौरान उसने नेटवर्क के दूसरे तस्कर के बारे में पुलिस को जानकारी दी।
निशानदेही पर एक लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ दूसरा तस्कर गिरफ्तार
पहले गिरफ्तार नकली करेंसी तस्कर की निशानदेही पर पुलिस ने मदनपुर थाना क्षेत्र में मिठईया मोड़ के पास छापेमारी कर नेटवर्क के दूसरे तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र के सोमिया गांव निवासी मोती यादव के पुत्र विजय यादव (45) के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 500-500 रुपये के 200 जाली नोट, जिनकी कुल कीमत एक लाख रुपये है, और एक मोबाइल फोन बरामद किया। इस प्रकार पुलिस ने नेटवर्क के दोनों जाली नोट तस्करों के पास से कुल 2 लाख 48 हजार 500 रुपये मूल्य के 497 नकली नोट, दो मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की है।
जांच एजेंसियां सक्रिय, नकली करेंसी तस्कर जेल भेजे गए
एसडीपीओ ने बताया कि मामले में दोनों नकली करेंसी तस्करों के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में बिहार पुलिस के साथ अन्य केंद्रीय और राज्यस्तरीय जांच एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है।
जांच एजेंसियां नकली करेंसी के पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि नकली करेंसी कहां से लाई जा रही थी, इसका इस्तेमाल किस काम के लिए होना था और यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था। पुलिस का उद्देश्य नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचकर उसे पूरी तरह खत्म करना है।
पुलिस के गिरफ्त में नकली करेंसी तस्कर व बरामद जाली नोट