लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार, औरंगाबाद सदर विधायक आनंद शंकर सिंह एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी भाजपा नेता मृत्युंजय कुमार सिंह ने औरंगाबाद नगर थाना में दर्ज कराई है। इस प्राथमिकी से औरंगाबाद समेत बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352/79, 318(4) और आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी संख्या-479/25 में भ्रामक और अपमानजनक भाषा के जरिए जनता को धोखा देने, चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी के अनुसंधान का जिम्मा औरंगाबाद नगर थाना के पीएसआई समीर कुमार सिंह को सौंपा गया है।
महिलाओं को हर माह 2500 देने के वादे वाले वीडियो के वायरल होने के बाद दर्ज कराई गई प्राथमिकी
मामले की प्राथमिकी दर्ज कराने वाले भाजपा नेता और पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह के कार्यालय प्रतिनिधि मृत्युंजय कुमार सिंह ने बताया कि 4 अगस्त को उन्होंने अपने मोबाइल नंबर पर एक व्हाट्सएप स्टेटस में वीडियो देखा, जिसमें एक मस्जिद की तस्वीर, एक युवक की आवाज, और महिलाओं से 'योजना फार्म' भरने की अपील की गई थी। वीडियो में युवक कहता है कि औरंगाबाद की मां-बहनों को हर माह 2500 रूपया मिलेगा। चाहे गोरी हो या काली-कलूटी, हर लड़की इस फार्म को भर सकती है। मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा कि इस वीडियो में दिखाई देने वाले फॉर्म पर कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें हैं और इस प्रकार की भ्रामक और अपमानजनक भाषा के जरिए जनता को धोखा, चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाया जा रहा है। प्राथमिकी में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कुटुम्बा के विधायक व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार, औरंगाबाद सदर विधायक आनंद शंकर सिंह समेत उन सभी अज्ञात को अभियुक्त बनाया गया है, जो वीडियो में दिख रहे हैं तथा जिनकी आवाज में वीडियो रिकॉर्ड है।
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झूठी सरकारी योजना के प्रचार का भी आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस वीडियो के जरिए महागठबंधन नेताओं की छवि का इस्तेमाल कर एक झूठी सरकारी योजना का प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तव में ऐसी कोई योजना सरकार द्वारा नही चलाई जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा-यह भाजपा वालों की करतूत
मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि यह भाजपा वालों की कांग्रेस को बदनाम करने के लिए की गई करतूत है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो न तो कांग्रेस पार्टी और न ही मेरे व्यक्तिगत सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया गया है। कांग्रेस पार्टी ही महिलाओं को सम्मान देती है। पार्टी इस वीडियो को पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया हैंडल की जांच कराएगी और कार्रवाई भी सुनिश्चित करेगी।
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महागठबंधन का प्रस्तावित मेनिफेस्टो है वीडियो : आनंद शंकर सिंह
इस मामले में औरंगाबाद के सदर विधायक आनंद शंकर सिंह ने कहा कि जिस योजना की बात वीडियो और प्राथमिकी में की जा रही है, वह महागठबंधन के प्रस्तावित मेनिफेस्टो का हिस्सा जरूर है लेकिन इसे कांग्रेस पार्टी के किसी भी सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट नही किया गया है। यह कांग्रेस को बदनाम करने की करतूत है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने घोषणापत्र का प्रचार-प्रसार करते हैं। लेकिन हमारे विरोधियों-विपक्षियों द्वारा इसे तोड़-मरोड़कर, ओछी राजनीति के तहत चुनाव पूर्व एक मुद्दा बनाया जा रहा है, जो कहीं से भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रचार करना किसी भी दल का लोकतांत्रिक अधिकार है, और किसी घोषणापत्र को ‘फर्जी योजना’ कहकर जनता को गुमराह करना भाजपा की रणनीति का हिस्सा है।
मामले की पुलिस ने शुरू की जांच
इस मामले में औरंगाबाद नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। साथ ही वायरल वीडियो के सोर्स, वितरण नेटवर्क और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान के लिए साइबर सेल को भी सतर्क किया गया है।