बिहार में जहां एक ओर मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच समर्थन और विरोध जारी है, वहीं अब मतदाता भी अपने मुद्दों को लेकर खुलकर सामने आने लगे हैं। औरंगाबाद जिले से एक ऐसी ही चौंकाने वाली खबर आई है, जहां रफीगंज प्रखंड के गोरडीहा पंचायत अंतर्गत कुंवर बिगहा गांव के ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों के इस फैसले ने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि अब राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि ग्रामीणों को मनाने गांव पहुंच सकते हैं।
आजादी के बाद से नहीं बनी सड़क, ग्रामीणों में आक्रोश
2.5 किलोमीटर सड़क पूरी तरह जर्जर
ग्रामीणों ने बताया कि कुंवर बिगहा को रफीगंज-इस्माइलपुर-गया मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली करीब 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। हालत ये है कि अब उस पर न वाहन चल पाते हैं, न साइकिल और न ही पैदल चलना मुमकिन है। यह सड़क कई गांवों जैसे गौसपुर, प्राणपुर, पाती, मदारपुर और कासमा को जोड़ती है।
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रोड नहीं तो वोट नहीं" का नारा बुलंद
इस नाराजगी के बीच ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान करते हुए "रोड नहीं तो वोट नहीं" का नारा बुलंद किया। उनका कहना है कि जब तक गांव में पक्की सड़क नहीं बनेगी, तब तक वे वोट नहीं देंगे। यह गांव यादव, मुस्लिम और दलित बहुल है और यहां के लोग लंबे समय से राजद के कोर वोटर माने जाते हैं। रफीगंज से दो बार विधायक रहे राजद नेता मो. नेहालुद्दीन को यहां से हमेशा भारी समर्थन मिलता रहा है। ग्रामीणों का यह रुख विधायक की राजनीतिक जमीन को कमजोर कर सकता है।
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