मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, बिहार में इस गिरोह का नाम केवल फिल्मी सितारों या सोशल मीडिया पर वायरल धमकियों तक सीमित नहीं है। यहां नेताओं को जान से मारने की धमकियां मिलने, भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को निशाना बनाए जाने और जनवरी 2026 में बिहार एसटीएफ की ओर से गिरोह के एक कथित सहयोगी की गिरफ्तारी के मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं ने बिहार में गिरोह के कथित नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद फिर चर्चा में आया गैंग
18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना सामने आई। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे और हमले के बीच वास्तविक संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पप्पू यादव को मिली थी जान से मारने की धमकी
अक्टूबर 2024 में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई को चुनौती दी थी। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिली थी। फोन करने वाले ने उन्हें सलमान खान से जुड़े मामले से दूर रहने की चेतावनी दी थी। इस घटना के बाद बिहार में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे।
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उपेंद्र कुशवाहा को आए थे सात धमकी भरे कॉल
जून 2025 में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया था कि उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर सात धमकी भरे फोन कॉल आए। इस मामले में पटना साइबर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की थी। उस समय कॉल करने वालों की पहचान की पुष्टि नहीं हुई थी।
भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को भी मिली थी धमकी
दिसंबर 2025 में भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को कथित तौर पर धमकी मिलने का मामला सामने आया था। रिपोर्टों के मुताबिक, सलमान खान के साथ काम करने और उनसे जुड़े कार्यक्रमों को लेकर उन्हें चेतावनी दी गई थी। इस घटना ने फिल्म जगत में गैंग के नाम पर दी जाने वाली धमकियों को लेकर चिंता बढ़ा दी थी।
बिहार में गैंग के कथित सहयोगी की गिरफ्तारी
जनवरी 2026 में बिहार एसटीएफ ने पटना जिले में कार्रवाई करते हुए परमानंद यादव उर्फ नेपाली को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कथित सहयोगी बताया था। यह गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी गई, क्योंकि इससे बिहार में गिरोह के संभावित स्थानीय संपर्कों और नेटवर्क की जांच का पहलू सामने आया।
सबसे बड़ा सवाल: गैंग से जुड़े हैं या सिर्फ नाम का इस्तेमाल?
बिहार में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देने वाले कितने लोग वास्तव में इस गिरोह से जुड़े हैं और कितने अपराधी केवल उसके नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं? यह एक अहम सवाल है। इसका जवाब पुलिस जांच, तकनीकी साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े तथ्यों के आधार पर ही सामने आ सकता है। ऐसे मामलों में केवल धमकी देने वाले के दावे के आधार पर किसी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता मान लेना उचित नहीं होगा।