Gayaji: जोरहाट एयरबेस पर एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव और फिर गया के विष्णुपद श्मशान घाट लाया गया। हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
असम के जोरहाट एयरबेस में भारतीय वायुसेना का एएन-32 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार शहीद हो गए थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई थी।
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पैतृक गांव में अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा सैलाब
शहीद का पार्थिव शरीर पहले उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन कर अपने वीर बेटे को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर गया के विष्णुपद श्मशान घाट लाया गया। रास्ते भर लोगों ने फूल बरसाकर और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम सलामी
विष्णुपद श्मशान घाट पर भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और जवानों ने शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य परंपराओं के अनुसार अंतिम सलामी अर्पित की गई। जवानों द्वारा दी गई सलामी के दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। हर कोई अपने वीर सपूत के बलिदान को नमन करता नजर आया।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
अंतिम संस्कार के दौरान गया के सिटी एसपी कोटा किरण कुमार, सदर एसडीओ समेत कई प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने शहीद अधिकारी के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गर्व और गम के बीच वीर सपूत को अंतिम विदाई
शहीद शुभम कुमार की अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि देश अपने वीर जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलता। नम आंखों और गर्व से भरे दिलों के साथ लोगों ने अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।