बिहार की नालंदा पुलिस ने बुधवार को बैंक खातों में सेंध लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। दरअसल, भारत सरकार की कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय वेबसाइट क्लोन कर ई केवाईसी के जरिए आधार बायोमेट्रिक पहचान की चोरी कर इस्तेमाल किया जा रहा था। एसपी अशोक मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।
एसपी अशोक मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार की कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की जो वेबसाइट है। उसकी डुप्लीकेट वेबसाइट बनाकर कुछ लोग ठगी कर रहे थे। नगरनौसा थाना के अकैर गांव से आठ किसानों द्वारा बैंक खाता से अवैध निकासी की शिकायत नालंदा साइबर थाने में 29 जुलाई को दर्ज कराई गई थी। इस मामले में अभी तक कुल 26 लोगों से ठगी का मामला सामने आया है।
उन्होंने बताया कि फर्जी वेबसाइट agriculture.in करके बनाई गई थी। इस वेबसाइट से कुछ लोगों के साथ ठगी हुई थी। इस कांड को साइबर थाने में दर्ज किया गया था। इस कांड में एफआईआर दर्ज करके साइबर थाना प्रभारी डीएसपी ज्योति शंकर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जांच के सिलसिले में आठ अगस्त को एक जगह छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
पुलिस ने ये चीजें की बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से नगद सात लाख 25 हजार रुपये, 24 मोबाइल, तीन लैपटॉप, फिंगरप्रिंट क्लोन करने वाली एक मशीन, रबर जैसे मटेरियल पर बनाए गए 713 फिंगरप्रिंट, तीन फिंगरप्रिंट डिवाइस, 11 एटीएम कार्ड, फेनो पेमेंट बैंक किट 10, सिम कार्ड 62, पेनड्राइव एक, प्रिंटर तीन, इंटरनेट राउटर दो, नोटबुक 26 और दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान विभिन्न एजेंसियों और गूगल, पेटीएम, फोन-पे और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर आदि से पत्राचार किया गया। अपराधियों के विभिन्न संदेहास्पद ठिकानों पर नजर रखी गई। लगातार प्रयास के बाद आठ अगस्त को आठ अपराधियों को पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के अलकापुरी स्थित किराए के फ्लैट से गिरफ्तार किया गया है। साइबर अपराधियों के पास से बरामद दस्तावेजों और इनकी गिरफ्तारी से सैकड़ों व्यक्तियों को ठगी जाने से बचाया गया है। इनकी गिरफ्तारी से हिलसा थाना क्षेत्र के एक कांड का भी खुलासा हुआ है, जिसमें 18 से अधिक लोगों के साथ ठगी हुई थी।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
जानकारी के मुताबिक, साइबर गिरोह ने भारत सरकार की कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय वेबसाइट को क्लोन किया। बायोमेट्रिक चोरी करने के लिए ई-केवाईसी का एक नया फीचर जोड़ा गया था। इस वेबसाइट में किसान कॉल सेंटर का संपर्क गिरोह के पास से बरामद एक मोबाइल नंबर था। साथ ही संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और एईपीएस से निकासी करने वाले केंद्र संचालकों को झांसा देकर अपने-अपने क्षेत्र में सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को प्रेरित करना और आधार बायोमैट्रिक की चोरी करना, क्लोन करना और लिंक्ड बैंक खाता से राशि की अवैध निकासी करना था।
छापेमारी टीम में पुलिस उपाधीक्षक साइबर नालंदा ज्योति शंकर, डीआईयू नालंदा प्रभारी आलोक कुमार, अंचल निरीक्षक चंडी वीरेंद्र यादव, साइबर थाना के दारोगा सत्यम तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। गिरफ्तार अभियुक्तों में नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के सूरतबीघा गांव निवासी जनार्दन प्रसाद का बेटा धर्मवीर कुमार, चंदू बीघा निवासी दुर्गेश प्रसाद का बेटा सुजीत कुमार और अन्य छह अपराधी शामिल हैं।